विकास की नई राह: 60 करोड़ रुपये से बनेंगे पद्म सम्मानितों के घर जाने वाले रास्ते, सेवा बस्तियों का भी कायाकल्प
Varanasi News: वाराणसी में पद्म सम्मानितों के आवास पर जाना अब आसान होगा। इसके लिए उनके घर तक जाने वाले रास्ते को विकसित किया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों को गृहकर, जलकर और सीवर कर में भी विशेष छूट दी जा रही है।
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काशी की पहचान को और अधिक गौरवशाली बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। पद्म अवार्डियों के आवास तक जाने वाली सड़कों और गलियों के सुंदरीकरण का निर्णय लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर निगम 30 करोड़ रुपये खर्च करेगा। साथ ही शहर की मलिन बस्तियों (सेवा बस्तियों) की सूरत बदलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसमें भी 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके अलावा निगम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों को गृहकर, जलकर और सीवर कर में 50 प्रतिशत की विशेष छूट दे रहा है। इसी प्रकार शहर के विकास को समावेशी बनाने के लिए निगम ने सेवा बस्तियों के पुनरुद्धार का भी बीड़ा उठाया है। शिवपुर स्थित कांशीराम आवास सहित शहर की सभी चिह्नित सेवा बस्तियों का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है।
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निगम का लक्ष्य सितंबर-अक्तूबर तक इन बस्तियों में बिजली, पक्की सड़क, व्यवस्थित नाली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को शत-प्रतिशत दुरुस्त करना है। दूसरी ओर, निगम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को गृहकर, जलकर व सीवर कर में 50 प्रतिशत की विशेष रियायत दे रहा है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि 15 जुलाई तक गृहकर, जलकर व सीवर कर जमा करने वाले सभी भवन स्वामियों को 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं, डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का ऑनलाइन टैक्स जमा करने वाले भवन स्वामियों को दो प्रतिशत की अतिरिक्त छूट, यानी कुल 12 प्रतिशत की छूट मिल रही है। 7 मई से अब तक लाखों भवन स्वामियों को इस छूट का लाभ दिया जा चुका है।
पद्म अवार्डियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। हम शहर के हर कोने को संवारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवा बस्तियों में रहने वाले हमारे भाइयों-बहनों को बेहतर जीवन और मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना भी हमारी प्राथमिकता है। इस साल के अंत तक इन बस्तियों की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। -अशोक कुमार तिवारी, मेयर
शहनाई के जादूगर और भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां जिस कमरे में रियाज करते थे, उसे नगर निगम की ओर से संग्रहालय बनाया जाएगा। उनके घर और आसपास के इलाके का भी विकास किया जाएगा। बेनियाबाग से हड़हा सराय जाने वाले मार्ग पर भीखाशाह की गली स्थित उस्ताद का मकान आंशिक रूप से जर्जर अवस्था में है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि काशी में भारतरत्न और पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विभूतियों की लंबी फेहरिस्त है। निगम ने योजना बनाई है कि पुरस्कार पाने वाले काशी के महान लोग जहां पैदा हुए, जहां रहते थे और जहां पढ़ते थे, उन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।