स्वाइन फ्लू पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: कोरोना की तर्ज पर मरीजों का इलाज, संपर्क में आने वालों की भी होगी जांच
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों का इलाज कोरोना की तर्ज पर किया जाएगा। साथ ही उनकी ट्रैवल हिस्ट्री भी खंगाली जाएगी।
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प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन के अलर्ट के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने भी नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना प्रोटोकॉल की तर्ज पर स्वाइन फ्लू मरीजों का अस्पतालों में इलाज किया जाएगा। अगर किसी मरीज की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसके संपर्क में आने वालों की भी जांच की जाएगी। इसमें स्वास्थ्य टीम बीमारी के संभावित कारणों की जानकारी के लिए ट्रेवल हिस्ट्री का भी पता लगाएगी।
जिले में इस समय स्वाइन फ्लू का कोई पॉजिटिव मरीज नहीं है लेकिन बुखार और बदन दर्द से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले एक सप्ताह में सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार और दर्द की शिकायत वाले 500 से अधिक मरीज आए। उनकी जांच करने के साथ ही डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी। डॉक्टरों के अनुसार तेज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं। डॉक्टर की सलाह पर जांच जरूर करवानी चाहिए।
इस बीच शनिवार को प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी सीएमओ से स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए नए सिरे से पूरी व्यवस्था करते हुए निगरानी करते रहने को कहा था। इसके बाद जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर नए सिरे से अलर्ट जारी किया गया है। जिस तरह कोरोना काल में मरीजों की अस्पताल में जांच से लेकर भर्ती होने और घर जाने तक सतर्कता बरती जा रही थी, ठीक उसी तरह की व्यवस्था स्वाइन फ्लू को लेकर लागू की जानी है।
सरकारी अस्पतालों में जमा होगा सैंपल, आईएमएस बीएचयू देगा आरटीपीसीआर रिपोर्ट
नई व्यवस्था के तहत अगर डॉक्टर किसी मरीज को जांच कराने की सलाह देते हैं तो दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच होगी। यहां स्वास्थ्य टीम संबंधित मरीज का सैंपल लेगी। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि कोरोना काल की तरह सरकारी अस्पतालों से सैंपल एकत्र कर पूरे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा जाएगा। यहां लैब में जांच के बाद आरटीपीसीआर रिपोर्ट मिलेगी। बीएचयू की रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि होने के बाद निर्धारित गाइडलाइन के आधार पर मरीज का इलाज किया जाएगा।
क्या बोले विशेषज्ञ
सरकारी अस्पतालों में जमा सैंपल को आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थित लैब में भिजवाया जाएगा। यहां जांच के बाद आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने और किसी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर उसका बेहतर इलाज कराया जाएगा। बीएचयू की लैब को जांच से जुड़े सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत हो गई है। - डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ
विभाग के तहत चलने वाली लैब में स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल की जांच की पूरी व्यवस्था है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो भी बातचीत की जाएगी, संस्थान के नियमानुसार उसके आधार पर कार्रवाई होगी। -प्रो. तुहिना बनर्जी, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, आईएमएस बीएचयू
कहां-कहां करवा सकेंगे निशुल्क जांच
- बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल
- दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल
- मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
- शास्त्री अस्पताल, रामनगर
- स्वामी विवेकानंद अस्पताल, भेलूपुर
यह हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
- तेज बुखार (अक्सर ठंड लगना और कंपकंपी छूटना)
- लगातार सूखी खांसी, गले में खराश या दर्द
- शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द
- गंभीर सिरदर्द, अधिक थकान और कमजोरी
- नाक बहना या बंद होना