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UP: पूर्वांचल के 10 जिलों में तीन करोड़ जन-धन खाते, इनमें 56 फीसदी महिलाओं के, 18 लाख खातों में जीरो बैलेंस
अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Sat, 04 Apr 2026 03:04 PM IST
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सार
Varanasi News: यूपी में कुल खातों की संख्या 10.30 करोड़ को पार कर गई है, जिनमें 63495 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें 56 फीसदी महिलाओं के खाते हैं। वहीं 18 लाख खातों में जीरो बैलेंस है।
पूर्वांचल के 10 जिलों में तीन करोड़ जन-धन खाते
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर समेत पूर्वांचल के 10 जिलों में जन-धन के कुल तीन करोड़ खाते खुले हुए हैं। इनमें कुल 18 हजार करोड़ से अधिक रुपये जमा हैं। इनमें 56 फीसदी महिलाओं के खाते हैं और 18 लाख खातों में जीरो बैलेंस है।
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प्रधानमंत्री जन धन योजना और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इन खातों में करीब 18 लाख खाते ऐसे हैं, जिनका बैलेंस जीरो (शून्य) है। यानी कुल खातों के 6 प्रतिशत खाते ऐसे हैं, जिसमें लोग पैसे रखना ही नहीं चाह रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन खातों में कुल खातों के लगभग 56% खाते महिलाओं के हैं।
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वहीं, कुल खातों के 80% खाते ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने खोल रखे हैं। यूपी में कुल खातों की संख्या 10.30 करोड़ को पार कर गई है, जिनमें 63495 करोड़ रुपये जमा हैं। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब केवल 8-10% खाते ही जीरो बैलेंस वाले रह गए हैं।
कचहरी स्थित एसबीआई बैंक के मैनेजर वेद प्रकाश शर्मा बताते हैं कि शून्य बैलेंस वाले खातों को मेंटेन करने में सालाना 3500 से 5000 रुपये खर्च होते हैं। इस आधार पर देखें तो जीरो बैलेंस वाले खातों को मेंटेन करने के लिए 6.3 अरब से 9 अरब रुपये तक खर्च हो रहे हैं।
वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में शून्य बैलेंस वाले खातों की संख्या कम है, जबकि आजमगढ़, मऊ और बलिया जैसे ग्रामीण प्रधान जिलों में इन खातों की संख्या 10-12% तक है।