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UPSC Result 2025: पूर्वांचल के इन युवाओं ने रचा इतिहास, कठिन परिश्रम और लगन से पाई सफलता; भावुक हुआ परिवार

अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर/बलिया/आजमगढ़/चंदौली। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 06 Mar 2026 07:04 PM IST
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सार

UPSC Result 2025: पूर्वांचल के कई जिले के युवाओं ने इतिहास रचा है। युवाओं ने कठिन परिश्रम और लगन से संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 परिणाम में सफलता हासिल किया है। 

UPSC Result 2025 young people from Purvanchal created history achieving success through hard work and dedicati
पूर्वांचल के इन युवाओं ने रचा इतिहास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जौनपुर उत्कर्ष मिश्रा को मिली 337वीं रैंक 

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जौनपुर जिले के विकासखंड तुलापुर निवासी चन्द्रेश मिश्रा के पुत्र उत्कर्ष मिश्रा को शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में 337 वीं रैंक प्राप्त हुई। उत्कर्ष पिछली बार भी साक्षात्कार दिए थे लेकिन अंतिम चयन से बाहर हो गए थे। यह इनका पांचवां प्रयास था। आईआईटी कानपुर से इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। उत्कर्ष की स्कूली शिक्षा बरेली जनपद से आईसीएससी बोर्ड से हुई है। सिविल सेवा परीक्षा में इनका एच्छिक विषय भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग ही रहा। उत्कर्ष की माता शशिकला मिश्रा गृहणी हैं और पिता चन्द्रेश मिश्रा इंजीनियरिंग और मेडिकल तैयारी के लिए बरेली में कोचिंग सेंटर चलाते हैं। उत्कर्ष के छोटे भाई हर्ष मिश्रा भी आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किए हुए हैं। उत्कर्ष के चयन पर पारसनाथ मिश्रा, केदारनाथ मिश्रा ओंकारनाथ मिश्रा, बीडी मिश्रा और धनंजय मिश्रा ने हर्ष व्यक्त किया और पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

कठिन परिश्रम और लगन से शिक्षा ने पाई 453वीं रैंक
बलिया जनपद के हल्दी थाना क्षेत्र के पियरौटा निवासी अरुण पाठक की पुत्री शिक्षा पाठक ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 453वीं रैंक हासिल कर जनपद का सिर ऊंचा कर दिया है। उनकी सफलता से न सिर्फ परिवार, बल्कि गांव में खुशी का माहौल है। शिक्षा ने कठिन परिश्रम, लगन और परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया है।
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शिक्षा पाठक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के स्कूलों से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज और दिल्ली में रहीं। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार 2-3 साल तक कड़ी मेहनत की। शिक्षा ने बताया कि परिवार का पूरा सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से यह सफलता मिली। उनकी रैंक 453 आने से बलिया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचना शुरू कर दिया। शिक्षा ने कहा कि सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और सही दिशा में प्रयास जरूरी है। युवा भी अगर लगन से पढ़ाई करेंगे तो जरूर सफल होंगे।

रवि शेखर को 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता

बलिया जिले के गड़हांचल के दौलतपुर गांव निवासी दिलीप सिंह के छोटे पुत्र रवि शेखर सिंह ने यूपीएससी में 176वीं रैंक हासिल कर गांव सहित जिले का नाम रोशन किया है। दौलतपुर गांव निवासी दिलीप सिंह बलिया में असिस्टेंट पोस्ट मास्टर से रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने ने बताया कि रवि शेखर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा बसंतपुर, इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई नागा जी सरस्वती विद्यालय माल्देपुर, स्नातक की पढ़ाई हंसराज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से हुई। रवि शेखर सिंह ने बताया कि यूपीएससी में तीसरा प्रयास था। इंटरव्यू दूसरा था। रवि शेखर सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। रवि शेखर सिंह की इस कामयाबी पर परिवार में खुशी का माहौल है। बहन पूर्णिमा की शादी हो चुकी है। बड़े भाई राजशेखर सिंह की शादी नहीं हुई है। माता पुष्पा देवी भी बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी का ठिकाना नहीं है। शुक्रवार को दौलतपुर गांव स्थित मठिया में होली गायन का कार्यक्रम में रवि शेखर सिंह के कामयाबी में खुशी का माहौल दोगुना कर दिया। ग्राम प्रधान अनिल कुमार सिंह ने शुभचिंतकों का मुंह मीठा कराया। इस मौके पर अभय नारायण सिंह, राजेश सिंह, लक्ष्मण पाण्डेय, अर्जुन राम, बलिराम गुप्ता, शंकर राजभर आदि रहे।

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540वीं रैंक हासिल कर आदित्य कृष्णा ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
बलिया के चितबड़ागांव नगर पंचायत के वार्ड 12 आजाद नगर निवासी अशोक कुमार तिवारी के पुत्र आदित्य कृष्णा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 540वीं रैंक हासिल कर नगर पंचायत सहित पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। आदित्य कृष्णा की मां स्व. कंचन तिवारी वर्ष 1989 से 2012 तक बिहार के विभिन्न जिलों में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के पद पर कार्यरत रहीं। नौकरी के दौरान ही उनका निधन हो गया था। आदित्य कृष्णा के पिता अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि आदित्य की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई और उन्होंने वर्ष 2021 में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। आदित्य कृष्णा की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। शुक्रवार को चितबड़ागांव में उनकी कामयाबी की खुशी और बढ़ गई, जब नगर पंचायत चेयरमैन अमरजीत सिंह तथा सभासद अखिलेश सिंह ने लोगों का मुंह मीठा कराकर अपनी खुशी जाहिर की। क्षेत्र के लोगों ने भी आदित्य कृष्णा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

चंदौली के दो युवाओं ने बढ़ाया जिले का मान

चंदौली जिले के दो युवाओं ने कठिन माने जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। पीडीडीयू नगर में आरपीएफ में एएसआई के बेटे ईशित्वा आनंद ने यूपीएससी की परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल की है। वहीं चकिया के मृत्युंजय ने यूपीएससी में 726वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। पीडीडीयू नगर में आरपीएफ में एएसआई अनमोल कुमारी के पुत्र ने इशित्वानंद ने यूपीएससी में 50वीं रैंक लाकर माता पिता और विभाग का नाम रौशन किया है। रिजल्ट आते ही परिवार में खुशी का माहौल हो गया है। वर्तमान में इशित्वानंद दिल्ली में हैं।  इसी तरह चकिया नगर निवासी मृत्युंजय गुप्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 726वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

मृत्युंजय गुप्ता बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक और वार्ड नंबर 11 शास्त्री नगर के निवासी शैलेश गुप्ता के पुत्र हैं। शैलेश गुप्ता वर्तमान में मुजफ्फरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में अध्यापक है। उनके पिता स्वर्गीय गिरजा गुप्ता भी शिक्षक थे। शिक्षा और संस्कारों से समृद्ध इस परिवार की तीसरी पीढ़ी ने अब प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाकर नई मिसाल कायम की है।मृत्युंजय बचपन से ही मेधावी छात्र रहे। कड़ी मेहनत के बल पर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड उत्तीर्ण कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में कंप्यूटर साइंस से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और देश व समाज के लिए काम करने का मन बनाया था। मृत्युंजय की सफलता पर उनकी माता रेखा गुप्ता पिता शिक्षक शैलेश गुप्ता ने प्रसन्नता जताई है।

आजमगढ़ के राज सिंह की यूपीएससी में 729वीं रैंक

आजमगढ़ जिले के मेंहनगर के गुरेहथा निवासी राज सिंह ने तीसरे प्रयास में यूपीएससी में 729वीं रैंक हासिल की है। यूपीएससी परीक्षा-2025 की सूची जारी होते ही गुरेहथा गांव में खुशी छा गई। बधाई देने वालों का तांता लग गया। गुरेहथा निवासी राजीव सिंह उर्फ राजू सिंह के दो पुत्र हैं। बड़े पुत्र राज सिंह ने आजमगढ़ में महर्षि विद्या मंदिर से पांच तक की प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। पढ़ाई में बेटे को कुशाग्र देख परिजनों ने उनका प्रवेश बिड़ला पब्लिक स्कूल पिलानी राजस्थान में करा दिया। यहां उन्होंने कक्षा 06 से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने 2015 में हाईस्कूल प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके बाद यहीं से इंटरमीडिएट भी पास किया। यहां स्नातक की पढ़ाई के लिए वे दिल्ली चले गए। उनका प्रवेश डीयू में हो गया। यहां से बीएससी उत्तीर्ण करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। लगातार दो बार वे यूपीएससी की परीक्षा में बैठे पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। यूपीएससी परीक्षा 2025 में बैठे। मार्च माह में आए रिजल्ट में उनको 729वीं रैंक मिली। इसकी सूचना मिलते ही दादा जितेंद्र सिंह फौजी, विजेंद्र सिंह, मां बीना सिंह, पिता राजीव सिंह को बधाई देने वालों का तांता लग गया। इसके पूर्व गुरेहथा गांव में एक आईपीएस, दो पीसीएस भी हो चुके हैं।

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भाई-बहन ने गढ़ी सफलता की कहानी - फोटो : अमर उजाला
यूपीएससी की परीक्षा में भाई-बहन ने गढ़ी सफलता की कहानी
आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज के शांतिपुर निवासी भाई-बहन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम गौरवांवित किया है। परिणाम में भाई ने 154वीं और बहन ने 361वीं रैंक हासिल की है। ग्राम शांतिपुर निवासी अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। वहीं उनकी पत्नी प्रतिभा उपाध्याय इंटर कॉलेज में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। इनके पुत्र आदित्य हृदय उपाध्याय ने यूपीएससी परीक्षा में 154वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। शैक्षणिक उपलब्धियों में दोनों भाई-बहन का रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा है। आदित्य हृदय उपाध्याय रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। वहीं आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। आदित्य हृदय उपाध्याय इससे पहले भी यूपीएससी परीक्षा में चयनित होकर आईआरएस (असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि आयुषी उपाध्याय ने दूसरे प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की है। दोनों भाई-बहन की इस उपलब्धि से गांव में हर्ष का माहौल है।

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