Exclusive: 730 दिन, लाखों की भीड़ में बने सिर्फ 10 राहवीर; गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
Varanasi News: बनारस में 730 दिन में सड़क हादसों के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में 10 राहवीर सामने आए। इन लोगों ने बिना डरे और सोचे घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई।
विस्तार
बनारस में सड़क हादसों के बाद घायलों की मदद को लेकर सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 730 दिनों में काशी में केवल 10 ऐसे राहवीर सामने आए, जिन्होंने इंसानियत दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त लोगों की जान बचाई। किसी ने बाइक से तो किसी ने कार से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इनमें कुछ ऐसे भी मददगार रहे, जिन्होंने एक से अधिक बार राह चलते घायलों की सहायता की।
खास बात यह रही कि इन राहवीरों ने बिना किसी डर या झिझक के घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाया। घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाने वाले इन मददगारों को विभाग की ओर से पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। हालांकि अब यह राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। लेकिन दो वर्षों में सिर्फ 10 लोग ही ऐसे मिले जिन्होंने इंसानियत दिखाई।
समय से मदद मिल जाए तो घट जाए मौत का आंकड़ा
सड़क हादसों में घायल को यदि गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लेकिन बनारस में बीते 730 दिनों में गिने-चुने लोगों ने ही आगे बढ़कर घायलों की मदद की। देरी, डर और उदासीनता के चलते कई बार लोग घायल को सड़क पर उसके हाल पर छोड़ देते हैं। नतीजा, समय से इलाज नहीं मिलने पर जान चली जाती है।
एक साल में 325 जिंदगियां लील गए सड़क हादसें
बनारस की सड़कों पर बीते एक साल में सड़क हादसों में 325 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा न सिर्फ डराने वाला है, बल्कि साल भर में तीन हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें बड़ी संख्या दोपहिया वाहन चालकों की रही। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में हर महीने औसतन सैकड़ों घायल पहुंच रहे हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर होती है।
इन्होंने बचाई जान, गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाया तो मिला सम्मान
1. राकेश कुमार, निवासी हरहुआ
2. रोहित कुमार पटेल, निवासी पिंडरा
3. खंझाटी यादव, निवासी बड़ागांव
4. आरिफ खान, निवासी बाबतपुर
5. सुनील कुमार यादव, निवासी बड़ागांव
6. शुभम कुमार कन्नौजिया, निवासी मझगवां
7. सुनील कुमार जायसवाल, निवासी हरहुआ
8. सत्येंद्र कुमार यादव, निवासी दासेपुर
9. विद्या प्रकाश दूबे, निवासी पांडेयपुर
10. अरविंद कुमार, निवासी हरहुआ
क्या बोले अधिकारी
घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना है। शासन ने पांच हजार से राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये की है। गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वालों को नकदी के साथ सम्मानित भी किया जाता है। अगर लोग मदद के लिए आगे बढ़े तो सड़क हादसों में मौत की संख्या को कम किया जा सकता है। -सुधांशु रंजन, एआरटीओ प्रवर्तन
