वाराणसी: आधी आबादी का बुलंद हौसला, नाइट स्कूटी रैली से दिया महिला सुरक्षा का संदेश; पुलिस आयुक्त ने झंडी दिखाई
वाराणसी में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण का संदेश देने के लिए नाइट स्कूटी रैली निकाली गई। रैली में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर आधी आबादी के बुलंद हौसले का परिचय दिया। पुलिस आयुक्त ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्मविश्वास मजबूत करना रहा।
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नवरात्र के सातवें दिन महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के उद्देश्य से अमर उजाला की ओर से शनिवार रात आठ बजे नाइट स्कूटी रैली का आयोजन किया गया।
मलदहिया स्थित पटेल प्रतिमा के पास रैली को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अंधेरे को पीछे छोड़ते हुए जब सौ से अधिक स्कूटी की लाइटें एक साथ जलीं तो पूरा शहर महिला सशक्तीकरण और निडरता के उजाले से जगमगा उठा।
इस अनूठी पहल में शहर के विभिन्न वर्गों की महिलाओं, छात्राओं, युवतियों और महिला पुलिसकर्मियों ने कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया और यह संदेश दिया कि सड़कें दिन हो या रात, हर वक्त बेटियों के लिए सुरक्षित होनी चाहिए। सभी ने हेलमेट पहनकर और यातायात नियमों का पालन करते हुए अनुशासन का संदेश दिया।
अपर पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध, नम्रिता श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं को न सिर्फ जागरूक होना चाहिए, बल्कि आपात स्थिति से निपटने के लिए आत्मरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए। रैली मलदहिया चौराहे से फातमान रोड, सिगरा थाना, साजन तिराहे, सिगरा, रथयात्रा, गुरुबाग, कमच्छा, भेलूपुर तिराहे, आईपी विजया, बाबा कीनाराम आश्रम और पद्मश्री चौराहे से होते हुए लंका स्थित रविदास गेट पर संपन्न हुई।
एसीपी चेतगंज आईपीएस शुभम जैन और सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने रैली के दौरान यातायात व्यवस्था संभाली। वहीं, लंका स्थित रविदास गेट पर रैली के समापन के दौरान एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा मौजूद रहे।
आज महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। यह रैली दर्शाती है कि दिन हो या रात, हमारी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे गंगा घाटों, मंदिरों और बाजारों में घूमती हुई दिखाई देती हैं। एक समय ऐसा था, जब हमारी बच्चियों के घर से बाहर जाने पर घरवालों को फिक्र होती थी, मगर आज हमारी बेटियां और महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 और 112 नंबर दिए गए हैं, जिन पर कोई भी महिला फोन कर सकती है। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त