UP: 25 घंटे बाद कथित पति के आश्वासन पर टॉवर से उतरी महिला, देवरिया से बलिया आया युवक; नीचे आते ही हिरासत में
Ballia News: बलिया में 25 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे का बुधवार को अंत हो गया। टॉवर पर चढ़ी महिला कथित पति सौरभ के आश्वासन के बाद नीचे उतर आई। पुलिस सौरभ को देवरिया से खोजकर मौके पर लाई थी। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद महिला सुरक्षित नीचे उतरी। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।
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UP News: सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लीलकर गांव में पिछले 25 घंटे से मोबाइल टॉवर पर चढ़ी महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा बुधवार दोपहर करीब तीन बजे समाप्त हो गया। कथित पति सौरभ बिंद को पुलिस देवरिया से लेकर पहुंच कर महिला से बात कराने के बाद टावर के नीचे उतरी तो पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाना चली गई। उतरने के साथ ही पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली, ड्रामा को देखने के लिए मौके पर हजारों की भीड़ मौजूद रही।
उभांव थाना क्षेत्र के शाहपुर अफगा निवासी सौरभ बिंद डेहरी ऑनसोन में रहकर काम करता है। वहीं उसकी पहचान पूनम नामक एक महिला से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। बताया जा रहा है कि दोनों पिछले करीब चार वर्षों से साथ रह रहे थे। पूनम भी विवाहित है और उसका पति ट्रक चालक है। सोमवार को सौरभ बिना किसी सूचना के डेहरी ऑनसोन से अपने गांव लौट आया।
पूनम उसको खोजते हुए शाहपुर अफगा पहुंची, लेकिन वहां सौरभ नहीं मिला। इसके बाद वह उसकी ससुराल लीलकर पहुंच गई और परिजनों से सौरभ के बारे में पूछताछ करने लगी। जब उसे कोई जानकारी नहीं मिली तो नाराज होकर वह गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ कथित पति सौरभ बिंद को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। पुलिस ने चढ़कर उतारने का प्रयास किया तो टावर से कूदने की धमकी दे दी।
साथ रहने के आश्वासन के बाद टावर के नीचे उतरी
बुधवार को पुलिस सौरभ बिंद को देवरिया के थाना रुद्रपुर क्षेत्र के फतेहपुर रामनगर से लेकर लीलकर गांव पहुंची। सबसे पहले दोनों की मोबाइल फोन पर बातचीत कराई गई। बातचीत के दौरान महिला अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाती रही। सौरभ द्वारा उसकी सभी बातें मानने और साथ रहने का आश्वासन दिए जाने के बाद टॉवर से नीचे उतरी।
महिला के जिद के आगे झुकी पुलिस
लीलकर गांव का यह घटनाक्रम पुलिस और प्रशासन के लिए धैर्य, संयम और सूझबूझ की बड़ी परीक्षा बन गया था। करीब 25 घंटे तक मोबाइल टॉवर पर बैठी महिला को तपती धूप, लू के थपेड़े, रात का अंधेरा और शारीरिक थकान भी नहीं डिगा सकी। पुलिसकर्मी पूरी रात मौके पर डटे रहे और लगातार उसे समझाने-बुझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही। इस दौरान कई बार ऐसा भी हुआ जब महिला टॉवर से कूदने की धमकी देने लगी। इसके चलते पुलिस ने बेहद सतर्कता और धैर्य से काम किया।
ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत, भोजन और पानी पहुंचाया
मोबाइल टॉवर पर चढ़ी महिला के कारण जहां एक ओर पूरे इलाके में हलचल मची रही, वहीं इस दौरान ग्रामीणों का मानवीय चेहरा भी सामने आया। करीब 25 घंटे तक टॉवर पर डटी महिला ने समय-समय पर नीचे मौजूद लोगों से पानी और भोजन की मांग की, जिसे पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से उपलब्ध कराया। मंगलवार शाम उसे बिस्कुट और पानी उपलब्ध कराया गया, जबकि रात में भोजन एक झोले में रखकर दुपट्टे के सहारे ऊपर पहुंचाया गया। बुधवार को महिला ने अपना मोबाइल फोन भी चार्ज कराया, ताकि वह लगातार संपर्क में बनी रह सके।
सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली
टावरों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल लीलकर में 25 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे ने मोबाइल टावरों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जितनी आसानी से महिला टावर पर चढ़ गई और घंटों वहां डटी रही, उसने मोबाइल कंपनियों के सुरक्षा इंतजाम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले मोबाइल टावरों की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात रहते थे, लेकिन अब अधिकांश स्थानों पर यह व्यवस्था समाप्त हो गई है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति आसानी से टावर तक पहुंच जाता है। लोगों का मानना है कि यदि टावरों की नियमित निगरानी होती और पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए गए होते तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।