वाराणसी में सड़क पर गूंजी किलकारी: बस में प्रसव पीड़ा होने पर स्टाफ ने उतारा, महिलाओं ने कराया सुरक्षित प्रसव
Varanasi News: वाराणसी में सड़क पर किलकारी गूंजी। शनिवार को बस में सवार बनवासी महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर स्टाफ द्वारा सड़क पर उतारा गया। इस दौरान महिलाओं ने सुरक्षित प्रसव कराया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चिरईगांव ब्लॉक कार्यालय के सामने शनिवार शाम बनवासी महिला की सड़क पर डिलीवरी का मामला सामने आया है। संदहां गांव निवासी सुरेश बनवासी 8 महीने की गर्भवती पुत्री अंजू को मायके ला रहे थे। अंजू की शादी गाजीपुर के जखनियां निवासी काजू बनवासी से हुई है। गर्भावस्था के अंतिम महीनों में बेहतर देखभाल के लिए पिता उसे एक सवारी बस में बैठाकर घर ला रहे थे। शाम 7 बजे बस चिरईगांव ब्लॉक कार्यालय के सामने पहुंची, अंजू को अचानक पेट में तेज दर्द के साथ प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई।
आपातकालीन स्थिति में संवेदनशीलता दिखाने के बजाय, बस के स्टाफ ने गाड़ी रोक दी और गर्भवती को सड़क पर उतार दिया। बस से उतारने पर महिला की हालत और बिगड़ गई और उसे प्रसव होने लगा। महिलाओं ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। कपड़े की आड़ (परदा) बनाकर सड़क किनारे ही अंजू का सुरक्षित प्रसव कराया, जहां उसने एक नवजात पुत्र को जन्म दिया।
राहगीर ने घटना की जानकारी पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर मौजूद स्टाफ नर्स रीता देवी को दी। स्वास्थ्य टीम ने जच्चा-बच्चा को सुरक्षित प्रसव कक्ष में पहुंचाया, जहां दोनों को प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता दी गई। दोनों को वार्ड में भर्ती कर उच्च चिकित्साधिकारी को सूचना दी गई। बच्चे की हालत गंभीर होने पर मां और नवजात को कबीरचौरा महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
इसे भी पढ़ें; UP: डिप्टी सीएम ने महिला के सामने जोड़े हाथ, मरीज की बदलवाई चादर; बोले- सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी
पीएचसी पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एकता बुंदेला ने बताया कि बच्चा प्री मैच्योर है और उसका वजन 1950 ग्राम है, जबकि सामान्य बच्चे का वजन 2.5 किग्रा से कम नहीं होना चाहिए। उसे दूध पीने में दिक्क्त हो रही थी और एसएनसीयू की आवश्यकता थी। मां के शरीर में ब्लड की कमी थी।