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उत्तराखंड का आम बजट: किसी ने सराहा तो किसी ने बताया निराशाजनक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:25 PM IST
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Uttarakhand's general budget: Some praised it, while others called it disappointing.
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अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का आम बजट पेश किया गया। बजट पर जिले में लोगों की मिली जुली प्रक्रिया रही। किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने निराशाजनक करार दिया। लोगों का कहना है कि बजट से जनता को जो उम्मीद थी वह पूरी नहीं हुई। इस समय जनता जहां महंगाई की मार से त्रस्त है वहीं युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। प्रदेश सरकार के आम बजट दोनों वर्गों को राहत दिलाने के लिए कोई प्रावधान नहीं है।

इसके अलावा आम बजट में बेरोजगारी, पलायन और पहाड़ों के विकास जैसे बुनियादी सवालों का समाधान नहीं है। लोगों ने कहा कि पहाड़ से लगातार पलायन हो रहा है, लेकिन खाली होते गांवों में स्वरोजगार शुरू करने के लिए कोई ठोस आर्थिक प्रोत्साहन नहीं दिया गया है। शिक्षित युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं लेकिन बेरोजगारों के लिए सरकारी नौकरियों और बड़े निजी निवेश को लेकर कोई समयबद्ध रोडमैप नहीं है। उच्च शिक्षा की हालत पहले से ही खराब है। इसके बावजूद उच्च शिक्षा को बेहद कम बजट दिया गया। लोगों ने कहा कि बजट को लेकर जो उम्मीद थी वह पूरी नहीं हुई।
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बजट में युवाओं का ख्याल नहीं रखा गया है। बेरोजगारों के लिए सरकारी नौकरियां मुहैया कराने के लिए समयबद्ध रोडमैप नहीं है। इससे युवाओं में निराशा है। बजट सिर्फ चुनावी झुनझुना है। आम वर्ग के लोगों के हितों का बजट में ध्यान नहीं रखा गया है।

लोकेश सुप्याल, छात्रसंघ अध्यक्ष एसएसजे परिसर अल्मोड़ा
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पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने के लिए बजट में कोई ठोस नीति नहीं लाई गई है। केवल कागजी घोषणाओं से आगे बढ़ते हुए प्रदेश की जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

दीक्षा सुयाल, अल्मोड़ा
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धामी सरकार ने महज जुमले बाजी का बजट पेश किया है। मंदिरों के राजनीतिक एजेंडे को बढ़ाने के उद्देश्य का यह बजट जनविरोधी, महिला विरोधी है, क्योंकि पलायन बेरोजगारी रोकने का कोई खाका इसमें नहीं है। एक असुरक्षित तंत्र में उत्तराखंड को महज पर्यटन, वेडिंग डेस्टिनेशन की निगाह तक सीमित कर राज्य को लूट खसोट का अड्डा बनाया जा रहा है।

सुनीता पांडे, प्रांतीय अध्यक्ष अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति




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