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Kotdwar News: गुलदार के हमलों में सात महीनों में दो बच्चियों समेत तीन ने गंवाई जान, छह घायल

संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Sun, 05 Apr 2026 07:24 PM IST
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Three people, including two young girls, lose their lives in leopard attacks over seven months; six injured.
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पोखड़ा ब्लॉक में गुलदार के हमलों से जनजीवन अस्त-व्यस्त
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दिन ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर ग्रामीण

सतपुली। पोखड़ा ब्लाॅक में पिछले सात महीनों में जहां चार वर्षीय दो मासूम बच्चियों समेत तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है वहीं, चार महिलाओं समेत छह ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। घायलों में एक महिला पिछले चार महीनों से एम्स ऋषिकेश में जिंदगी-मौत से जूझ रही है।
पोखड़ा ब्लाॅक में 12 सितंबर, 2025 को रिया (4) पुत्री जितेंद्र रावत, निवासी श्रीकोट, 13 नवंबर, 2025 को रानी देवी (65) पत्नी रमेश कुमार, निवासी बगड़ीगाड़ और दो दिन पूर्व बृहस्पतिवार को ग्राम भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की 4 वर्षीय पुत्री दृष्टि गुलदार के हमले में अपनी जान गंवा चुकी है। पिछले साल 7 सितंबर को बगड़ीगाड़ के ग्राम अलखेतू निवासी सावित्री देवी, 9 अक्तूबर को रविंद्र सिंह (13) पुत्र भरत सिंह, निवासी ड्वीला, 27 अक्टूबर को अनीता देवी (45) पत्नी भगवान सिंह, निवासी दीवान का बूंगा, 15 नवंबर को ग्राम घंडियाल में प्रभा देवी (41) पत्नी नरेंद्र सिंह, 10 दिसंबर को कंचन देवी (36) पत्नी अर्जुन सिंह, निवासी देवराड़ी देवी और 20 मार्च को धस्माणी गांव के सतेंद्र सिंह का 11 वर्षीय बालक दीपक गुलदार के हमले में घायल हो चुके हैं।
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इनमें से 10 दिसंबर को घायल कंचन देवी (36) को हंस अस्पताल, सतपुली से एयर लिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया था। उनकी आहार नली में गंभीर जख्म हैं, जिसका ऑपरेशन होना है। पिछले चार महीनों से कंचन एम्स अस्पताल, ऋषिकेश में जिंदगी की जंग लड़ रही है। वहीं, गुलदार के ताबड़तोड़ हमलों से पोखड़ा के ग्रामीणों की दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित है। गुलदार के मूवमेंट से बेहद संवेदनशील हो चुके दमदेवल और पोखड़ा रेंज के सर्वाधिक प्रभावित इलाके से पोखड़ा ब्लाॅक के आबादी वाले क्षेत्रों में सांझ होते ही ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

पोखड़ा ब्लाॅक गुलदार के मूवमेंट के लिहाज से डेंजर जोन में आ चुका है। इससे पहले कि पलायन की मार झेल रहा पोखड़ा आबादी विहीन हो जाए, सरकार को इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। गुलदार के हमलों से निजात के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक कार्य योजना बनाई जानी चाहिए।
- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष।
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