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Rishikesh News: पर्यटक से मारपीट के तीन आरोपी जमानत पर रिहा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 22 Jun 2026 02:11 AM IST
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काले की ढाल में हरियाणा के पर्यटक के साथ मारपीट के तीन आरोपियों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमिंदर सिंह की अदालत ने जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। पीड़ितों की अधूरी मेडिकल जांच और सप्लीमेंटरी रिपोर्ट में देरी पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में विवेचक एसआई निखिलेश सिंह बिष्ट, आरक्षी विकास व हिमांशु की लापरवाही पाई गई है।
बीते 20 मई को काले की ढाल पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हरियाणा के पर्यटकों के साथ मारपीट की थी। इस दौरान एक पर्यटक को नग्न कर पीटा गया था। मामले में तीन आरोपियों नरेश कश्यप, अशोक थापा व अमित ने जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमिंदर सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था।
जमानत पर दोनों पक्षों की बहस के बाद बीते बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आदेश जारी किए। न्यायालय ने कहा कि घटना के बाद दोनों घायलों को पुलिस राजकीय उपजिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए ले गई। लेकिन घायलों का एक्सरे अथवा सीटी स्कैन नहीं कराया गया।
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घायलों का पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण के बिना वापस क्यों जाने दिया गया, इसका कोई स्पष्ट उल्लेख केस डायरी में नहीं है। अदालत ने कहा कि विवेचक ने लापरवाही अपनाते हुए चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घायलों की सप्लीमेंटरी रिपोर्ट प्राप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया। अदालत ने कहा कि मामले में लापरवाही बरतते हुए सरसरी तौर पर विवेचना की जा रही है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।
बीते 20 मई को काले की ढाल पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हरियाणा के पर्यटकों के साथ मारपीट की थी। इस दौरान एक पर्यटक को नग्न कर पीटा गया था। मामले में तीन आरोपियों नरेश कश्यप, अशोक थापा व अमित ने जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमिंदर सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था।
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जमानत पर दोनों पक्षों की बहस के बाद बीते बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आदेश जारी किए। न्यायालय ने कहा कि घटना के बाद दोनों घायलों को पुलिस राजकीय उपजिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए ले गई। लेकिन घायलों का एक्सरे अथवा सीटी स्कैन नहीं कराया गया।
घायलों का पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण के बिना वापस क्यों जाने दिया गया, इसका कोई स्पष्ट उल्लेख केस डायरी में नहीं है। अदालत ने कहा कि विवेचक ने लापरवाही अपनाते हुए चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घायलों की सप्लीमेंटरी रिपोर्ट प्राप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया। अदालत ने कहा कि मामले में लापरवाही बरतते हुए सरसरी तौर पर विवेचना की जा रही है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।