{"_id":"6a8305a2ebca803d9b05742f","slug":"drinking-water-lines-damaged-by-excessive-rainfall-water-crisis-deepens-in-six-villages-tehri-news-c-50-1-nth1001-120734-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: अतिवृष्टि से पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त, छह गांवों में गहराया जल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: अतिवृष्टि से पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त, छह गांवों में गहराया जल संकट
Mon, 17 Aug 2026 06:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 17 Aug 2026 06:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण पानी के लिए पेयजल स्रोतों पर हैं निर्भर
घनसाली (टिहरी)। बालगंगा क्षेत्र में अतिवृष्टि से तिसरियाड़ा सहित आसपास के कई गांवों की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को पानी के लिए पेयजल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
गत 15 अगस्त की रात को बालगंगा तहसील में हुई अतिवृष्टि होने से गमतापू तोक और घंडियाल सौड़ ताेक में तिसरियाड़ा, खवाड़ा, सौला, कुडियाली, विनयखाल और चांजी गांव की पेयजल क्षतिग्रस्त हो गई। तिसरियाड़ा की ग्राम प्रधान शिवानी भट्ट, राम प्रसाद सेमवाल, प्यारे लाल, सोहन लाल आदि ने बताया कि श्रीगढ़ और दीदडक तोक से क्षेत्र के कई गांवों की पानी सप्लाई होती है।
गत रोज रात को भारी अतिवृष्टि के कारण गमतापू और घंडीयाल सौड़ में पानी के साथ आया भारी मलबे की कई पेयजल लाइनें चपेट में आने से क्षतिग्रस्त दिया जिससे गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ गई। दो दिन बीतने के बाद भी पेयजल लाइनों की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बरसात से पेयजल स्रोतों को जाने वाले रास्तों में झाड़ियां उगी होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें जल संस्थान घनसाली के अधीन है जबकि एक-दो गांव की लाइनें जल निगम के पास है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से लाइनों की मरम्मत न होने से तक पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग की है।
आपदा से क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों के बारे में जानकारी है। मंगलवार को विभागीय कर्मचारियों को भेजकर पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू की जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की एस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा दिया जाएगा।
अमित कुमार, ईई जल संस्थान घनसाली।
विज्ञापन
घनसाली (टिहरी)। बालगंगा क्षेत्र में अतिवृष्टि से तिसरियाड़ा सहित आसपास के कई गांवों की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को पानी के लिए पेयजल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
गत 15 अगस्त की रात को बालगंगा तहसील में हुई अतिवृष्टि होने से गमतापू तोक और घंडियाल सौड़ ताेक में तिसरियाड़ा, खवाड़ा, सौला, कुडियाली, विनयखाल और चांजी गांव की पेयजल क्षतिग्रस्त हो गई। तिसरियाड़ा की ग्राम प्रधान शिवानी भट्ट, राम प्रसाद सेमवाल, प्यारे लाल, सोहन लाल आदि ने बताया कि श्रीगढ़ और दीदडक तोक से क्षेत्र के कई गांवों की पानी सप्लाई होती है।
विज्ञापन
गत रोज रात को भारी अतिवृष्टि के कारण गमतापू और घंडीयाल सौड़ में पानी के साथ आया भारी मलबे की कई पेयजल लाइनें चपेट में आने से क्षतिग्रस्त दिया जिससे गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ गई। दो दिन बीतने के बाद भी पेयजल लाइनों की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बरसात से पेयजल स्रोतों को जाने वाले रास्तों में झाड़ियां उगी होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें जल संस्थान घनसाली के अधीन है जबकि एक-दो गांव की लाइनें जल निगम के पास है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से लाइनों की मरम्मत न होने से तक पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मांग की है।
आपदा से क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों के बारे में जानकारी है। मंगलवार को विभागीय कर्मचारियों को भेजकर पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू की जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की एस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा दिया जाएगा।
अमित कुमार, ईई जल संस्थान घनसाली।