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Uttarkashi News: श्रद्धालुओं को भा रहा खरसाली का साढ़े चार मंजिला शनिदेव मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 03 Jun 2026 07:06 PM IST
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मंदिर परिसर में नहीं है पानी और शौचालय की व्यवस्था
बड़कोट। यमुनोत्री धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल खरसाली गांव में स्थित पौराणिक शनिदेव मंदिर चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। हर वर्ष यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है लेकिन मंदिर परिसर में पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
लकड़ी और पत्थरों से निर्मित करीब साढ़े चार मंजिला प्राचीन मंदिर अपनी विशिष्ट वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। व्यापक प्रचार-प्रसार के बाद अब मंदिर यमुनोत्री यात्रा का प्रमुख पड़ाव बन चुका है। बावजूद इसके यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, आशुतोष उनियाल और पूर्व सचिव सुरेश उनियाल ने कहा कि सदियों पुराना शनिदेव मंदिर क्षेत्र की महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है।
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उन्होंने कहा कि मंदिर के पौराणिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंंध में सीएम से भी मुलाकात की जाएगी।
बड़कोट। यमुनोत्री धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल खरसाली गांव में स्थित पौराणिक शनिदेव मंदिर चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। हर वर्ष यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है लेकिन मंदिर परिसर में पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
लकड़ी और पत्थरों से निर्मित करीब साढ़े चार मंजिला प्राचीन मंदिर अपनी विशिष्ट वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। व्यापक प्रचार-प्रसार के बाद अब मंदिर यमुनोत्री यात्रा का प्रमुख पड़ाव बन चुका है। बावजूद इसके यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, आशुतोष उनियाल और पूर्व सचिव सुरेश उनियाल ने कहा कि सदियों पुराना शनिदेव मंदिर क्षेत्र की महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है।
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