सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत हरदी पश्चिम पंचायत वार्ड 08 में शुक्रवार की रात एक गर्भवती नवविवाहिता का शव गुप्त तरीके से जलाया जा रहा था। मृतका के मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए जलती चिता से अधजला शव बरामद किया।
मृतका की पहचान
मृतका की पहचान हरदी पश्चिम पंचायत वार्ड 08 निवासी मनीष कुमार की 19 वर्षीय पत्नी पार्वती देवी उर्फ पारो के रूप में हुई है। मृतका के पिता गणेश साह ने बताया कि 11 मई 2025 को पार्वती की शादी मनीष से हुई थी और शादी में ढाई लाख रुपये नकद सहित जरूरी सामान दिए गए थे।
दहेज की मांग का आरोप और घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार शादी के करीब एक माह बाद पति और उसके परिजन 50 हजार रुपये और बाइक की मांग को लेकर दबाव बनाने लगे। शुक्रवार को ससुराल पक्ष ने पार्वती की तबीयत खराब होने की सूचना दी। शाम करीब सात बजे मायके पक्ष पहुंचा तो घर खाली मिला और पड़ोसियों ने शव के अंतिम संस्कार की जानकारी दी।
अस्पताल पहुंचा शव, पोस्टमार्टम से इनकार
खोजबीन के दौरान परिजन अंतिम संस्कार स्थल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि स्थानीय पुलिस की एक टीम पहले से मौजूद थी। सदर थाना की टीम ने शव सुरक्षित करने पर ही कार्रवाई की बात कही, जिसके बाद चिता बुझाकर शव उतारा गया।
रात करीब 12 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। शनिवार सुबह तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने शव की स्थिति को देखते हुए पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया और 11 बजे भागलपुर रेफर कर दिया गया।
पढ़ें- Bihar News: पति कोर्ट में मुंशी, घर बना यातना गृह, केस वापस ना लेने पर पत्नी पर एसिड अटैक का आरोप
रेफर के बाद भी शव फंसा रहा
भागलपुर रेफर होने के बावजूद शाम 7:30 बजे तक शव सदर अस्पताल में ही पड़ा रहा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कोर्ट आदेश के बिना शव ले जाने में परेशानी होती है, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी।
मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि शव को भागलपुर ले जाने के लिए पुलिस द्वारा 5 हजार रुपये निजी खर्च बताने की बात कही गई। पैसे देने में असमर्थता जताने पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे परिजन परेशान रहे।
सदर एसडीपीओ शिवेंद्र कुमार अनुभवी ने कहा कि परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर अधजला शव बरामद किया गया है और प्राप्त आवेदन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। शव वाहन सीएस के आदेश पर उपलब्ध कराया गया है।