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Jagdalpur News: खनिज परीक्षण के खिलाफ चित्तलनार में ग्रामीणों का एकजुट विरोध, बड़ी सभा में लिया गया ये फैसला
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: जगदलपुर ब्यूरो Updated Thu, 29 Jan 2026 10:28 PM IST
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सुकमा जिले के पुसपाल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चित्तलनार में पहाड़ियों पर प्रस्तावित खनिज परीक्षण को लेकर ग्रामीणों का विरोध मुखर हो गया है। इस मुद्दे पर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर एक बड़ी बैठक आयोजित की, जिसमें खनिज अनुसंधान और परीक्षण गतिविधियों को पूरी तरह से अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया।
सरकार पर निजीकरण का आरोप
सभा में ग्रामीणों ने सरकार पर निजी कंपनियों के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में खनिजों की खोज के नाम पर परीक्षण कराने का आरोप लगाया। उनका मानना है कि इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में इन खनिजों की नीलामी और क्षेत्र के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करना है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि इससे जंगल, जल, जमीन और स्थानीय लोगों की आजीविका पर गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है।
ग्राम सभा की स्वीकृति अनिवार्य
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि ग्राम सभा की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार की खनिज टेस्टिंग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले ग्राम सभा में सर्वसम्मति से खनिज परीक्षण के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया है और पहाड़ियों व जंगलों में किसी भी प्रकार की खुदाई या परीक्षण का विरोध जारी रहेगा।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों के हित में सौंपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि खनिज संभावनाओं के नाम पर बस्तर के जंगलों को गंभीर खतरे में डाला जा रहा है और इसके खिलाफ सामूहिक संघर्ष आवश्यक है। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की, उनका कहना था कि चुनाव के समय समर्थन लेने वाले प्रतिनिधि आज संकट की घड़ी में गांवों की सुध नहीं ले रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी आवाज को अनदेखा किया गया तो इसका राजनीतिक परिणाम भी सामने आएगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात के दौरान संतोषजनक प्रतिक्रिया न मिलने पर निराशा व्यक्त की। पूर्व विधायक ने आश्वासन दिया कि मांगों को लेकर प्रशासन से पुनः संवाद किया जाएगा। ग्रामीणों ने दोहराया कि वे प्राकृतिक संसाधनों पर अपने अधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।
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