पन्ना जिले में वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पवई वन परिक्षेत्र के सुनादर बीट क्षेत्र से रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार सुबह मवेशी चराने गए एक अधेड़ पर जंगली भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जूही निवासी 50 वर्षीय रामस्वरूप यादव अपनी भैंसों को चराने जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में रामस्वरूप के हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। बीट गार्ड पुष्पेंद्र पाल, गजेंद्र सिंह एवं अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को मौके पर ही सहायता राशि प्रदान की है।
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पूर्व में भी हो चुकी हैं दर्दनाक घटनाएं
गौरतलब है कि इससे पहले ग्राम जरदोबा में खेत की रखवाली कर रहे 10 वर्षीय बालक को तेंदुआ उठाकर ले गया था, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। उस घटना के बाद वन विभाग एवं पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा परिजनों को 8 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई थी। इसके ठीक अगले दिन तिलगांव क्षेत्र में भालुओं के झुंड ने एक वृद्ध पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अब ताजा मामला हवाई क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक बार फिर भालू के हमले ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है।
बीते एक माह में पन्ना जिले में वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच संघर्ष की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी गर्मी के मौसम में जल स्रोतों की कमी के कारण वन्यजीव पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर रुख करते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं के और बढ़ने की आशंका है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस बढ़ते वन्यजीव–मानव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।