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कोरबा में आस्था केंद्रों की अनदेखी: जीर्णोद्धार नहीं होने से ग्रामीण नाराज, पांच जून को प्रदर्शन की चेतावनी
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: कोरबा ब्यूरो Updated Tue, 02 Jun 2026 09:07 PM IST
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कोरबा में मंगलवार को सर्वमंगला मंदिर के पास स्थित प्राचीन रानी गुफा और हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार न होने से ग्रामीण नाराज हैं। धूल-मिट्टी की सफाई न होने पर दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम को अंतिम चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दो दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 जून 2026 को सुशासन तिहार का विरोध होगा।
ग्रामीण पिछले दो वर्षों से शांतिपूर्ण ढंग से आवेदन, निवेदन, धरना और आंदोलन कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व रेलवे पुल निर्माण की ठेका कंपनी ने इन आस्था केंद्रों को ध्वस्त कर दिया था। पटवारी नम्रता राजवाड़े ने स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा भी बनाया था। कई तहसीलदारों और तत्कालीन एसडीएम रोहित सिंह ने जीर्णोद्धार का ठोस आश्वासन दिया था। हालांकि, आज तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है। विवाद बढ़ने पर कटघोरा के वर्तमान एसडीएम तनमय खन्ना और नहर विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से बैठक की थी। अधिकारियों ने जल्द स्थायी निराकरण का भरोसा दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित हुआ। इसके बावजूद प्रशासन उदासीन बना रहा।
प्रशासन की उदासीनता के बाद ग्रामीणों ने फिर आंदोलन किया। इस पर एसईसीएल कुसमुंडा के अधिकारियों, सर्वमंगला चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद ने 23 दिसंबर 2024 को लिखित आश्वासन दिया था। उन्होंने एक सप्ताह में सड़क से धूल-मिट्टी की सफाई और टैंकरों से छिड़काव का वादा किया था। यह वादा भी खोखला साबित हुआ। आज ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर धूल उड़ाते हुए अनोखा प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
सर्वमंगला मंदिर से सोनपुरी नहर मार्ग पर पिछले दो वर्षों से भारी मात्रा में धूल-मिट्टी जमी है। इस मार्ग का उपयोग दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण रोज कोरबा आने-जाने के लिए करते हैं। धूल उड़ने से सड़क पर कुछ दिखाई नहीं देता है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कत हो रही है। सड़क दुर्घटनाएं भी लगातार हो रही हैं।
पडनिया के शिवरतन, जटराज के टिकेश्वर, पाली के संदीप, खैरभवना के जागेश्वर, कनबेरी के विमल और सोनपुरी के संतोष सहित अन्य ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया। उनका कहना है कि जब आस्था के केंद्र उजाड़ दिए गए और जनता धूल के गुबार में जीने को मजबूर है, तो प्रशासन किस बात का सुशासन तिहार मना रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी है। उन्होंने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
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