जिले में मंगलवार को शाम चार बजे अचानक मौसम ने करवट ली। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गर्जना के साथ हुई झमाझम बारिश ने राहत दी। करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से पूरा शहर तरबतर हो गया। निचली बस्तियों और मुख्य सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार दोपहर तक तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल थे। तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया था। शाम 4 बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। बिजली की तेज चमक और गर्जना से लोग सहम गए।
बारिश इतनी तेज थी कि शहर के टीपी नगर, कोसाबाड़ी, घंटाघर, सीएसईबी चौक, इंदिरा स्टेडियम रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। नालियां जाम होने से पानी सड़कों पर बहने लगा। कोचिंग और ट्यूशन से लौट रहे बच्चे, दफ्तर से निकल रहे कर्मचारी और बाजार गए लोग रास्ते में ही फंस गए। कई दोपहिया वाहन चालक दुकानों के शेड और पेड़ों के नीचे बारिश थमने का इंतजार करते दिखे।
तेज आंधी से शहर के चौक-चौराहों पर लगे बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स फटकर उड़ गए। कई जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। सीएसईबी चौक और घंटाघर के पास लगे बड़े-बड़े फ्लेक्स हवा में लहराते हुए फट गए। आंधी के कारण कुछ इलाकों में बिजली भी गुल हो गई।
पिछले एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को बारिश ने राहत तो दी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम से मुसीबत भी बढ़ गई।मुड़ापार सब्जी मंडी और बुधवारी बाजार में दुकानदारों का सामान भीग गया। कई दुकानों में पानी घुस गया।
शहर में परेशानी के बीच ग्रामीण इलाकों में किसानों के चेहरे खिल गए। खेतों में नमी आने से खरीफ फसल की तैयारी शुरू करने वाले किसानों को फायदा होगा। मौसम विभाग ने पहले ही जिले में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण अगले 24 घंटे में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।