गुरुग्राम पुलिस ने न्यू पालम विहार की निहाल कॉलोनी स्थित गैलेक्सी वन अस्पताल में फर्जी तरीके से इंश्योरेंस बिल क्लेम करने वाले का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल से काफी फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक लैब पर भी टीम ने कार्रवाई करते हुए फर्जी रिपोर्ट बरामद की हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) अभिलक्ष जोशी के नेतृत्व में 18 फरवरी को बजघेड़ा थाने के प्रभारी, नागरिक अस्पताल से एक डॉक्टर, साइबर एक्सपर्ट, ड्रग कंट्रोल अधिकारी की टीम गठित करके गैलेक्सी वन अस्पताल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान करीब 25 इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़ी 65 नकली इंश्योरेंस क्लेम फाइलें बरामद हुईं। इन फाइलों से पता चला कि नकली बेनिफिशियरी के साथ मिलकर नकली आईपीडी एडमिशन (बिना अस्पताल में भर्ती हुए) फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड, नकली लैब रिपोर्ट और नकली फार्मेसी व ट्रीटमेंट बिल तैयार किए गए। इन बिल का प्रयोग फर्जी तरीके से इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए किया गया। फर्जी तरीके से प्राप्त हुए राशि को बेनिफिशियरी व अस्पताल के अधिकारियों के बीच बांटा जाता है।
टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए दयानंद कॉलोनी स्थित लैब्सवेल में सर्च ऑपरेशन चलाया। लैब से नकली रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज भी मिले। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों सपना, वर्षा व गौरव को अस्पताल कैंपस से गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी अस्पताल के कर्मचारी हैं और फर्जी तरीके से इंश्योरेंस बिल क्लेम करने में सहयोगी रहे है।
इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए किसी व्यक्ति के दस्तावेज लेकर एक फर्जी फाइल तैयार की जाती थी। फाइल में अस्पताल में भर्ती होने, दवाइयां के बिल, अस्पताल में बैड का बिल, अस्पताल में भर्ती होने व डिस्चार्ज का रिकॉर्ड आदि के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते। फाइल को इंश्योरेंस कंपनी को कुरियर किया जाता। कंपनी की ओर से अस्पताल में सत्यापन करने आए प्रतिनिधि को जानकारी उपलब्ध कराई जाती। इससे 60 से 70 फीसदी फाइलों पर क्लेम पास हो जाता। जब इंश्योरेंस क्लेम की राशि संबंधित व्यक्ति के खाते में आती तो आपस में बांट लिया जाता। एक फाइल में 60 से 70 हजार रुपये का फ्रॉड होता था। फाइलों की जांच के दौरान अधिकतर फाइलों पर हस्ताक्षर सहित अन्य लिखावट एक जैसी ही थी। अस्पताल से करीब एक करोड़ रुपये का फ्रॉड किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अस्पताल में दी थी दबिश
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने मई 2025 में गैलेक्सी वन अस्पताल में फर्जी तरीके से इंश्योरेंस बिल क्लेम करने की जांच को लेकर दबिश दी थी। दबिश के दौरान अस्पताल में एक डॉक्टर ने अपने नाम के आगे एमबीबीएस/एमडीएमए लिखा हुआ था। जांच में सामने आया कि उक्त डॉक्टर के पास एमडी की डिग्री नहीं थी और अस्पताल के आईपीडी रजिस्टर में विभिन्न व्यक्तियों की एंट्री करके झूठी इंश्योरेंस बिल क्लेम किया गया। इस मामले में 14 फरवरी को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बजघेड़ा थाने में गैलेक्सी वन अस्पताल में फर्जी तरीके से इंश्योरेंस बिल क्लेम करने के बारे में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर बजघेड़ा थाने में संबंधित थानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
आगामी कार्रवाई व पूछताछ के लिए आरोपियों को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, ताकि वारदात से संबंधित अन्य जानकारी मिल सके। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - अभिलक्ष जोशी, एसीपी पश्चिम, गुरुग्राम।
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