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Justice on New Year's Day! A complaint was filed with CM Yogi, prompt action brought him back home.
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नए साल पर इंसाफ! CM Yogi को दी तहरीर, त्वरित कार्रवाई से मिला घर वापस
video Published by: पंखुड़ी श्रीवास्तव Updated Fri, 02 Jan 2026 01:41 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई शिकायत पर प्रशासन ने बेहद तेजी दिखाई। सेना के एक दिवंगत मेजर की दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार बेटी को 24 घंटे के भीतर उसका मकान वापस दिला दिया गया। अवैध कब्जे के मामले में चंदौली के दो आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि लखनऊ पुलिस की सूचना पर चंदौली पुलिस ने दोनों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़िता अंजना भट्ट, मेजर रहे बिपिन चंद्र भट्ट की पुत्री हैं। इंदिरानगर स्थित ए-418 उनका पैतृक मकान है। बिपिन चंद्र भट्ट का लगभग तीन दशक पहले निधन हो चुका है। परिवार के अन्य सदस्य भी अब जीवित नहीं हैं, जिससे अंजना अकेली रह गई हैं। गंभीर बीमारी के चलते वह बीते आठ वर्षों से एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में रहकर उपचार करा रही हैं।
इसी दौरान चंदौली निवासी बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने मकान पर कब्जा कर लिया। बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अंजना ने पूरी आपबीती बताई। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और अगले ही दिन मकान कब्जा मुक्त करा दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान को अपने नाम दर्शाने की कोशिश की थी। उन्हें इस बात का फायदा था कि अंजना वहां निवास नहीं करती हैं। आरोपियों ने न सिर्फ ताले तोड़कर घर में प्रवेश किया, बल्कि मकान से कीमती सामान भी हटा दिया और जगह-जगह नुकसान पहुंचाया। घर के बाहर अपने नाम का बोर्ड तक लगा दिया गया था।
इस प्रकरण ने स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता को भी उजागर कर दिया। छह दिसंबर को दी गई तहरीर पर गाजीपुर पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने के बाद ही कुछ ही घंटों में कार्रवाई शुरू हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार को जब अंजना अपने घर लौटीं, तो भावनाएं छलक पड़ीं। उन्होंने घर में दीप प्रज्वलित किया, नारियल फोड़ा और आसपास मौजूद महिलाओं से गले लगकर रो पड़ीं। उनकी जुबां पर सिर्फ एक ही बात थी—
“थैंक यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।”
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