कोटपुतली-बहरोड़ में जोधपुरा संघर्ष समिति के बैनर तले अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की खदानों व क्रेशर के खिलाफ गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कड़ाके की सर्दी और तेज हवाओं के बीच सैकड़ों ग्रामीणों (महिलाओं और बच्चों) ने खदान क्षेत्र का जोरदार घेराव किया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
मोहनपुरा पंचायत और जोधपुरा संघर्ष समिति के नेतृत्व में हुए इस घेराव की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास और समिति अध्यक्ष सत्यम सुरेलिया ने की। सूचना पर तहसीलदार रामधन गुर्जर, थाना प्रभारी सरूण्ड यशपाल गुर्जर, कोटपुतली शहर थाना प्रभारी राजेश शर्मा, हल्का पटवारी और माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरनार्थियों से वार्ता की।
माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने मौके पर लिखित रूप में स्वीकार किया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट एनजीटी के 03 नवंबर 2025 के आदेशों की पालना नहीं कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खदान क्षेत्र में पड़े डंप को ढका नहीं जा रहा, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा रात्रिकालीन खनन कार्य जारी है और आबादी से 500 मीटर की अनिवार्य दूरी का भी उल्लंघन हो रहा है। इन सभी बिंदुओं को धरनार्थियों को लिखित में सौंपते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अलग से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
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प्रशासनिक आश्वासन के बाद घेराव स्थगित कर दिया गया और धरनार्थियों को खदान क्षेत्र से वापस मूल धरना स्थल मंदिर प्रांगण में लाकर धरना जारी रखा गया। घेराव व धरने में शिवलाल यादव, विजय यादव, सतपाल यादव, रामजीलाल बोहरा, सेवानिवृत्त शिक्षक रामवतार योगी, भूपसिंह धानका, राजपाल यादव, शीला देवी, ममता देवी, पांची देवी, नानची देवी, कृष्ण कुमार यादव, रामसिंह यादव, पप्पू यादव कांसली सहित करीब 500 महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नियमों की पालना नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।