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नोएडा में इंजीनियर की मौत: हादसे के कारणों की गहन पड़ताल, घटना वाली जगह का तकनीकी टीम ने किया परीक्षण
नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 07:29 PM IST
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ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 टी-प्वाइंट के पास स्थित बेसमेंट में पानी भरे होने के कारण कार समेत डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बुधवार शाम को फॉरेंसिक और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने करीब एक घंटे तक घटनास्थल का मुआयना किया और हादसे के कारणों की गहन पड़ताल की।
हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और बेसमेंट में जलभराव की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे। इसी को देखते हुए पुलिस के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटना स्थल के पास से मिट्टी का भी नमूना लिया है। टीम ने टेप के माध्यम से नाले की लंबाई और इसकी गहरी की जांच की।
साथ ही घटना स्थल का नक्शा भी तैयार किया। टीम ने दोनों और की सड़क की लंबाई चौड़ाई की जांच की। साथ ही स्पीड ब्रेकर से नाले की तक की दूरी की लंबाई को देखा। जांच टीम में शामिल करीब पांच लोगों की टीम ने बेसमेंट में पानी के स्तर, निकासी व्यवस्था, बारिश या किसी पाइपलाइन के फटने की संभावना और वाहन के फंसने की परिस्थितियों का निरीक्षण किया।
फॉरेंसिक टीम ने यह भी जांच की कि पानी कितनी तेजी से बेसमेंट में भर रहा और क्या समय रहते बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता उपलब्ध था या नहीं। चेतावनी संकेतों की मौजूदगी को भी खंगाला गया। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि बेसमेंट में जल निकासी की व्यवस्था सही न होने के कारण अचानक पानी भर गया, जिससे कार बाहर नहीं निकल सकी।
वहीं हादसे में शामिल कार को क्रेन की मदद से बाहर निकालकर सूरजपुर स्थित पुलिस लाइन में रखवाया गया था। जहां उसका फॉरेंसिक परीक्षण किया गया। वाहन के दरवाजों, खिड़कियों, इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम और एयरबैग सहित अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच की गई। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसी तकनीकी खराबी के चलते दरवाजे नहीं खुल पाए या पानी के दबाव के कारण बाहर निकलना संभव नहीं हो सका।
फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारण और जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। इस मामले में भवन प्रबंधन, बेसमेंट की सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली की भूमिका भी जांच के दायरे में है। लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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