Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Bhiwani News
›
People are angry over the delay in the construction of Loharu Road Railway Overbridge in Bhiwani.
{"_id":"698465ea81d4b6d405030447","slug":"video-people-are-angry-over-the-delay-in-the-construction-of-loharu-road-railway-overbridge-in-bhiwani-2026-02-05","type":"video","status":"publish","title_hn":"भिवानी में लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर लोगों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भिवानी में लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर लोगों में रोष
शहर का लोहारू रोड रेवलवे ओवरब्रिज का कार्य पिछले दो सालों से अटका हुआ है, जिसके चलते दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे को जोडने वाला यह रास्ता करीब दो साल से बंद है। यहां से प्रतिदिन पहले 35 से 40 हजार वाहन गुजरते थे, अब उन्हें वैकल्पिक वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। ऐसे में यहां के स्थानीय निवासियों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। वही गांव व अन्य कस्बे में जाने वाले लोगों को विभिन्न बाईपास व अन्य वैकल्पिक लंबे रास्ते रास्तों व अधिक समय लगाते हुए गुजरना पड़ रहा है। जो आज भिवानी शहर के आवागम को लेकर मुख्य समस्या बनी हुई है।
भिवानी के लोहारू रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण लगभग दो साल पहले शुरू हुआ था। यह दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे संख्या 709 का एक्टेंशन है। जिसे रेलवे की एक एजेंसी द्वारा बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई लगभग 900 मीटर से अधिक है तथा यह चार लेन की तर्ज पर बनना है। एनजीटी के बार-बार के आदेशों तथा यहां के देवसर चुंगी डिस्पोजल लाईनों को शिफ्ट करने सहित जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सीवर व पानी की लाइनों की शिफ्टिंग के चलते इस काम में देरी हो रही है। इस देरी को लेकर अब स्थानीय निवासियों का गुस्सा भी फूटने लगा है। यहां के नागरिक सचिन सिंह, कृष्ण सैनी व सुनील ने बताया कि वे इस पुल को पिछले दो सालों से देख रहे है। यहां पर सरिए नुकीले कर ऐसे ही छोड़ रखे हैं। उनका अपने घरों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। जबकि बड़े वाहन यहां बिल्कुल भी नहीं आ-जा सकते तथा छोटे वाहनों के गुजरने के लिए कोई रास्ता नहीं बनाया गया। जिसके चलते प्रतिदिन यहां एक्सीडेंट होते रहते है। बाइक व ऑटो पलट जाते है। वैकल्पिक रास्ता ना होने के चलते स्थानीय निवासियों को यहां के जलभराव के बीच से गुजरना पड़ता है। इसको लेकर वे कई बार प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कह चुके है, परन्तु यह कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि यहां से गुजरने वालों के कई बार दुर्घटना के कारण हाथ-पैर भी टूट चुके है तथा यहां पर इतने बड़े पुल को बनाने के लिए सीमित संख्या में लेबर कार्य करती है। ऐसे में उन्हें लगता है कि यह कार्य दो सालों में भी पूरा नहीं होगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।