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Government school in Bahammanwala village of ratiya fatehabad grappling with teacher shortage; only 3 teachers for 146 students.
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रतिया: शिक्षकों की कमी से जूझ रहा बाहम्मणवाला गांव का सरकारी स्कूल, 146 बच्चों पर सिर्फ 3 शिक्षक; अभिभावकों में भारी रोष
रतिया के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब अभिभावकों का सरकारी स्कूल से भरोसा उठने लगा है। इस बदहाली से नाराज होकर ग्रामीणों ने दो बच्चों के नाम स्कूल से कटवा दिए हैं, वहीं गांव की सरपंच ने भी अपनी बेटी का नाम स्कूल से हटाने के लिए स्कूल मुखिया को पत्र लिखा है।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में पहली से पांचवीं तक की 6 कक्षाओं में कुल 146 बच्चे नामांकित हैं व स्कूल में 7 स्वीकृत पदों के मुकाबले मुख्य शिक्षक सहित केवल 3 शिक्षक कार्यरत हैं। इन 3 शिक्षकों में से भी 1 शिक्षक की ड्यूटी एसआईआर सहित अन्य कार्यो में लगी रहती है, जिसके कारण पढ़ाई का पूरा बोझ महज 2 शिक्षकों पर आ जाता है।ग्राम पंचायत बाहम्मणवाला की सरपंच कर्मजीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी को लिखे पत्र में सरपंच ने आरोप लगाया है कि स्कूल के अधिकांश बच्चे अनुसूचित जाति परिवारों से संबंध रखते हैं और पिछले 2 साल से विभाग में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अगर सरकार को अनुसूचित बच्चों की शिक्षा की चिंता नहीं है तो ग्रामीण अपने बच्चो का नाम कटवाने को मजबूर हैं। इसलिए पहले व्यवस्था ठीक करो, फिर बच्चे स्कूल आएंगे।
जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं हैं, तो बच्चों को भेजने का क्या लाभ सरपंच प्रतिनिधि हरजीवन सिंह ने बताया कि शिक्षकों की कमी को लेकर वे कई बार उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं और लिखित शिकायतें भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निजी स्कूलों की महंगी फीस भरने में असमर्थ हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।स्कूल के मुख्य शिक्षक (हेडमास्टर) गुरदीप सिंह ने दो विद्यार्थियों के नाम कटवाने की और सरपंच द्वारा बेटी का नाम काटने का आवेदन देने की बात मानते हुए बताया कि अध्यापकों कि कमी के चलते व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट और अतिरिक्त स्टाफ की मांग उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है और जल्द ही नया स्टाफ नियुक्त होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, खंड शिक्षा अधिकारी शशि प्रकाश ने भी माना है की स्कूल में स्टाफ की कमी है लेकिन अधिकतर अध्यापकों की 15 जुलाई तक ड्यूटी वोटिंग प्रक्रिया में लगी हुई है इसलिए वोटिंग प्रक्रिया के बाद अध्यापकों की नियुक्ति करवाई जाएगी।
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