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Jhajjar: Two accused arrested in a double murder case; Kamil and Irshad were killed over a money dispute and an illegal business involving the theft of diesel from trucks.
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झज्जर: डबल मर्डर केस में दो आरोपी गिरफ्तार, ट्रकों से डीजल चोरी के अवैध कारोबार और पैसों के विवाद में हुई कामिल और इरशाद की हत्या
झज्जर-गुरुग्राम रोड पर मिले मुजफ्फरनगर निवासी कामिल और इरशाद की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों उत्तर प्रदेश के जिला बागपन के तहसील बड़ौत, थाना रमाला के गांव किर्ठल निवासी सतीश, राजस्थान के अलवर के थाना बहरोड के गांव देहमी निवासी विक्रम उर्फ लंबू को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले लगभग एक वर्ष से हरियाणा एवं राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने का संगठित अवैध कारोबार कर रहे थे। गिरोह में कामिल, इरशाद, सतीश, विक्रम तथा उनका एक अन्य साथी शामिल था।
यह गिरोह देर रात मृतक कामिल की एक्सयूवी-500 गाड़ी में निकलता था। पहले सड़क किनारे खड़े ट्रकों की रेकी की जाती थी। इसके बाद ट्रकों के डीजल टैंकों से पाइप के माध्यम से डीजल निकालकर कैनों में भर लिया जाता था। चोरी के दौरान आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। पूछताछ में यह भी सामने आया कि एक रात में करीब 600 से 700 लीटर डीजल चोरी किया जाता था, जिसे बाजार भाव से कम कीमत पर बेच दिया जाता था। गिरोह का सदस्य विक्रम उर्फ लंबू चोरी का डीजल खरीदता था।
मात्र 1500 रुपये मिलते थे, बाकी पैसा खुद रख लेते थे
पुलिस पूछताछ के अनुसार गिरोह में काम करने वाले सतीश एवं उसके साथी को डीजल चोरी के बदले प्रतिदिन केवल 1500-1500 रुपये मजदूरी दी जाती थी जबकि चोरी से होने वाला बाकी मुनाफा कामिल एवं इरशाद अपने पास रख लेते थे। बाद में दोनों चोरी का डीजल अन्य लोगों को बेचने लगे, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई और पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। इसी विवाद के चलते सतीश, विक्रम एवं उनके अन्य साथियों ने मिलकर कामिल और इरशाद की हत्या की साजिश रची।
ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
गत 6 जुलाई की रात आरोपी कामिल एवं इरशाद को डीजल चोरी के बहाने अपने साथ झज्जर-गुरुग्राम रोड पर ले गए। रास्ते में एक ट्रक के पास गाड़ी रोकी गई। योजना के अनुसार पहले कामिल पर गोली मारी गई। इसके बाद इरशाद गुमराह करते हुए थोड़ी दूर गाड़ी में ले जाकर उसे भी गोली मार दी गई।
विरोध करने पर उसके साथ लोहे की पाइप रिंच और पेचकस से भी हमला किया गया। दोनों की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने शवों को सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
सबूत मिटाने का प्रयास
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने अपने खून से सने कपड़े बदलकर जला दिए। घटना में प्रयुक्त मृतक कामिल की गाड़ी को पानी से धोकर साफ किया गया तथा बाद में छिपा दिया गया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
48 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार
लगातार तकनीकी विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों एवं दबिश के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश निवासी गांव किर्ठल, थाना रमाला, तहसील बड़ौत, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इसी क्रम में पुलिस ने दूसरे आरोपी विक्रम उर्फ लंबू निवासी गांव देहमी, थाना बहरोड़, जिला अलवर (राजस्थान) को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा वारदात में प्रयुक्त हथियार, वाहन एवं अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
यह था पूरा मामला
पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने बताया गया कि शिकायतकर्ता हकीकत पुत्र याकूब निवासी जोला, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की शिकायत पर थाना सदर झज्जर में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई थी। 6 जुलाई को थाना सदर झज्जर क्षेत्र में झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के सामने झाड़ियों से दो युवकों कामिल एवं इरशाद उर्फ भोलू के शव बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की गोली लगने एवं शरीर पर मारपीट के निशानों की पुष्टि हुई, जिससे मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने तत्काल मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन में स्पेशल स्टाफ झज्जर एवं थाना सदर झज्जर की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए तथा सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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