{"_id":"6a69f65574a4ea27be074637","slug":"video-the-dc-assured-that-issues-would-be-resolved-through-monthly-review-meetings-2026-07-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"बहादुरगढ़: डीसी ने हर महीने समीक्षा बैठक कर समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहादुरगढ़: डीसी ने हर महीने समीक्षा बैठक कर समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
बहादुरगढ़। औद्योगिक क्षेत्रों की बदहाल व्यवस्था को लेकर बुधवार को बहादुरगढ़ एसडीएम कार्यालय में डीसी और उद्योगपति आमने-सामने आ गए। कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने उपायुक्त वर्षा खांगवाल, अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास और एसडीएम अभिनव सिवाच की मौजूदगी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के सामने उद्योगों की वर्षों से लंबित समस्याओं पर तीखा विरोध दर्ज कराया। उद्योगपतियों ने साफ कहा कि करोड़ों रुपये के राजस्व देने के बावजूद औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें टूटी हैं, सीवर खुले पड़े हैं, स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
बैठक में कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने कहा कि एमआईई पार्ट-ए, एमआईई पार्ट-बी, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-16, सेक्टर-17 और सेक्टर-4बी समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है। जून 2023 में स्वीकृत करीब 6.93 करोड़ रुपये की आधारभूत विकास परियोजना आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वीकृति के तीन साल बाद भी काम शुरू नहीं होना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। उद्योगपतियों ने रोहद इंडस्ट्रियल एरिया, जसौर खेड़ी 44 फीट रोड, एस्सार स्टील रोड, पटौदा-करोला रोड, नांगला-औरंगपुर रोड, दुलीना रोड और बादली रोड की जर्जर हालत का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया। उनका कहना था कि बरसात में जलभराव और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जबकि माल ढुलाई भी प्रभावित होती है।
बैठक में पटौदा-करोला मार्ग के निर्माण, सड़क किनारे शराब के ठेके हटाने, जाखौदा से गणपति धाम तक अधूरे नाले को पूरा करने, ईएसआईसी अस्पताल के लंबित निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा नगर परिषद क्षेत्र के औद्योगिक इलाकों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। गणपति धाम और सूर्य नगर औद्योगिक क्षेत्र के अपशिष्ट जल को एचएसआईआईडीसी के ईटीपी से जोड़ने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। कोबी पदाधिकारियों ने उद्योगों के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें प्रशासन, संबंधित विभागों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की गई ताकि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके।
उद्योगपतियों की नाराजगी सुनने के बाद उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि उद्योगों से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा के लिए अब हर महीने बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही मंथन संपूर्ण विकास केंद्र का स्वयं निरीक्षण कर उसके विस्तार और संचालन में प्रशासनिक सहयोग का भी भरोसा दिया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।