{"_id":"69d795754f6830041c038fd8","slug":"video-fire-fighters-strike-in-yamuna-nagar-2026-04-09","type":"video","status":"publish","title_hn":"यमुनागर: मंत्री संग वार्ता विफल, 11 अप्रैल तक हड़ताल पर डटे फायर ब्रिगेड कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुनागर: मंत्री संग वार्ता विफल, 11 अप्रैल तक हड़ताल पर डटे फायर ब्रिगेड कर्मचारी
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा शाखा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के बैनर तले फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। यमुनानगर के मुख्य दमकल केंद्र पर जिला प्रधान विजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में धरना शुरू हुआ, जबकि संचालन जिला सचिव रिंकू कुमार ने किया। हड़ताल में जिले के सभी नियमित, पे-रोल और कौशल निगम के कर्मचारी शामिल रहे।
यूनियन नेताओं ने बताया कि चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के साथ यूनियन प्रतिनिधिमंडल की करीब तीन घंटे चली वार्ता पूरी तरह विफल रही। इसके बाद यूनियन ने बैठक कर हड़ताल को 11 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय लिया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा और राज्य मुख्य संगठनकर्ता संतोष ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की ओर से फायर कर्मियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों पर किसी प्रकार का दबाव या उत्पीड़न करने की कोशिश की, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
यूनियन की प्रमुख मांगों में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर हड़ताल को अनिश्चितकालीन भी किया जा सकता है, क्योंकि “जब आग से लड़ने वालों की ही सुरक्षा नहीं होगी, तो वे जनता की जान कैसे बचा पाएंगे।”
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और 31 दिसंबर 2025 के हाई कोर्ट के फैसले को भी लागू नहीं किया गया। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि 11 अप्रैल तक मांगें नहीं मानी गईं, तो रोहतक में होने वाली कन्वेंशन में बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा, आंगनवाड़ी वर्कर्स और अन्य संगठनों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया और सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। मौके पर कई यूनियन नेताओं और कर्मचारियों ने संबोधित कर आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।