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यमुनानगर: आहलूवाला में यूरिया से लदे दो ट्रकों को किसानों ने पकड़ा, डीडीए से मिले भाकियू के पदाधिकारी
जगाधरी क्षेत्र के गांव आहलूवाला में कृषि योग्य यूरिया से लदे दो ट्रकों को किसानों ने पकड़ लिया। इन ट्रकों में भरे यूरिया के बैग गांव में बने एक गोदाम पर उतारे जाने थे। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। किसानों के विरोध के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों ट्रकों को गोदाम के बाहर ही रुकवा दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों ट्रकों में करीब 1500 बैग कृषि योग्य यूरिया लदा हुआ था।
भारतीय किसान यूनियन से जुड़े गांव पीरूवाला निवासी सतेंद्र सिंह व महेंद्र सिंह चाहड़ों ने बताया कि उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि गांव आहलूवाला में एक गोदाम में अवैध रूप से कृषि योग्य यूरिया का भंडारण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को भी यहां पर तीन ट्रक यूरिया लेकर पहुंचे थे। जब वह अन्य किसानों के साथ मौके पर पहुंचे तो एक ट्रक से यूरिया पहले ही गोदाम में उतारा जा चुका था, जबकि दो ट्रक सड़क पर खड़े थे। किसानों ने तुरंत इन ट्रकों को रोक लिया और कृषि विभाग को इसकी सूचना दी।
मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. हरीश पांडे ने टीम के साथ जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। किसानों का कहना था कि जिस गोदाम में यूरिया उतारा जा रहा था, वह अधिकृत नहीं है और खाद को कालाबाजारी के उद्देश्य से भंडारित किया जा रहा है। किसानों ने यह भी दावा किया कि यह यूरिया करनाल के अनिल ट्रेडर्स से मंगवाया गया है।
वहीं. मौके पर मौजूद एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आर्यन गुर्जर ने कहा कि किसानों ने दोपहर करीब तीन बजे यूरिया से भरे ट्रकों को पकड़ा था, लेकिन काफी देर तक ट्रक मालिक की ओर से कोई बिल या दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर के पास भी बिल मौजूद नहीं थे और बाद में अधिकारियों को केवल बिलों की फोटो कॉपी दिखाई गई। किसान सतेंद्र सिंह पीरूवाला और किसान महिंद्र चाहड़ों ने भी आरोप लगाया कि तीन बजे से लेकर पांच बजे तक अधिकारी लगातार बिलों की मांग करते रहे, लेकिन मौके पर मूल दस्तावेज पेश नहीं किए गए।
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