{"_id":"682728bbb30ebfc98704ce05","slug":"video-bilaspur-22-quintals-of-natural-wheat-sold-by-17-farmers-on-the-first-day-in-the-district-2025-05-16","type":"video","status":"publish","title_hn":"Bilaspur: जिले में पहले दिन 17 किसानों से बेची 22 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं, उपायुक्त राहुल कुमार ने केंद्रों में लिया व्यवस्थाओं का जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur: जिले में पहले दिन 17 किसानों से बेची 22 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं, उपायुक्त राहुल कुमार ने केंद्रों में लिया व्यवस्थाओं का जायजा
बिलासपुर जिले में प्राकृतिक गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम के सहयोग से यह खरीद की जा रही है। शुक्रवार को यह खरीद घुमारवीं और बिलासपुर केंद्रों में आरंभ हुई। पहले दिन 17 किसानों से 22 क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीदी गई। विभाग का अनुमान है कि इस बार लगभग 7.8 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बिलासपुर स्थित खरीद केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने किसानों के अनुभव जाने और जिला में अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि इस दिशा में उल्लेखनीय करने वाले किसानों को प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों से जोड़ा जाए। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अब तक 8 हजार से अधिक किसान जिले में प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं, जिनमें से 4,800 किसान केंद्र सरकार के सितारा पोर्टल पर पंजीकृत हैं और पूरी तरह प्राकृतिक खेती के मानकों को पूरा करते हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार 100 से अधिक किसानों ने प्राकृतिक गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करवाया है। खरीद केंद्र में उपायुक्त ने गेहूं की गुणवत्ता जांचने के लिए नमी मीटर के माध्यम से किए जा रहे परीक्षण को भी देखा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से हो और किसानों को कोई असुविधा न हो। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू के दूरदर्शी प्रयासों से प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जिसने प्राकृतिक गेहूं के लिए 60 रुपए प्रति किलो की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, जो अब तक का सर्वाधिक मूल्य है। इसके अतिरिक्त किसानों को 2 रुपये प्रति किलो भाड़ा उपादान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करें और जो किसान इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें अन्य किसानों को प्रशिक्षण देने और प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए गए हैं, जिसके अंतर्गत प्राकृतिक गेहूं का मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो, मक्की का मूल्य 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलो और कच्ची हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर आत्मा परियोजना निदेशक रितेश गुप्ता सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।