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Bilaspur: Turmoil within the Congress over allegations of irregularities in ticket distribution; questions raised about the organization following the Zila Parishad election defeat
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Bilaspur: टिकट वितरण में गड़बड़ी के आरोपों से कांग्रेस में घमासान, जिला परिषद चुनाव हार पर संगठन पर सवाल
जिला परिषद चुनाव में हार के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को परिधि गृह बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत माकड़ी मारकंड एवं जुखाला वार्ड से जिला परिषद चुनाव में प्रत्याशी रहे कमल ठाकुर ने पार्टी की कार्यप्रणाली और टिकट वितरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जुखाला वार्ड में उनकी उम्मीदवारी को लेकर संगठन स्तर पर सही घोषणा नहीं की गई और न ही उन्हें अपेक्षित समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि टिकट आवंटन प्रक्रिया में अनदेखी की गई, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ा और वे 288 वोटों से हार गए। उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष अंजना धीमान और सदर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मस्त राम की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। कहा कि संगठन के भीतर उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया और टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं रखी गई। पूर्व प्रत्याशी ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं और यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई तथा अन्य पदों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, इसके बावजूद उनकी उम्मीदवारी को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सही निर्णय और समर्थन मिलता तो चुनाव परिणाम अलग हो सकते थे। उन्होंने कहा कि केवल जिला परिषद ही नहीं बल्कि नगर परिषद चुनावों में भी कांग्रेस को नुकसान हुआ है और इसका मुख्य कारण संगठनात्मक कमजोरियां और गलत रणनीति रही। कमल ठाकुर ने प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार से आग्रह किया कि संगठन की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए, क्योंकि न तो समय पर बैठकें हुईं और न ही चुनावी स्तर पर उचित सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि यदि संगठनात्मक विफलता की जांच होती है तो जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी जवाबदेही तय करते हुए इस्तीफे पर भी विचार किया जाना चाहिए।
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