{"_id":"69b93528119541b9840827c2","slug":"video-hamirpur-mla-ashish-sharma-asks-who-is-polluting-the-stream-urges-administration-to-direct-departments-to-take-action-2026-03-17","type":"video","status":"publish","title_hn":"Hamirpur: विधायक आशीष शर्मा बोले- कौन दूषित कर रहा खड्ड, विभागों को कार्रवाई के निर्देश दे प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur: विधायक आशीष शर्मा बोले- कौन दूषित कर रहा खड्ड, विभागों को कार्रवाई के निर्देश दे प्रशासन
Ankesh Dogra
Updated Tue, 17 Mar 2026 04:34 PM IST
Link Copied
सदर भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने बड़ू, स्वाहल और मोहिन क्षेत्र में फैले पीलिया के मामलों को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। भाजपा मंडल पदाधिकारियों के साथ उन्होंने डीसी हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविदंर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेज कर दूषित पेयजल समस्या के समाधान की मांग की। विधायक ने कहा कि बड़ू क्षेत्र में लंबे समय से पीलिया फैल रहा है और पेयजल योजना के समीप बहने वाली खड्ड का पानी दूषित होने की आशंका कहै। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर खड्ड को कौन दूषित कर रहा है और अब तक क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं और पूरे मामले की निगरानी सुनिश्चित की जाए। आशीष शर्मा ने कहा कि पिछले कई दिनों से पीलिया का प्रकोप कई गांवों तक फैल चुका है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और बीमारी के स्रोत की पहचान कर उसे तत्काल रोका जाए। विधायक ने कन्या और बाल स्कूल हमीरपुर को मर्ज करने के प्रस्ताव का भी विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में छह किलोमीटर के दायरे में यही दो वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं, जहां विद्यार्थी सरकारी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यालय के अलावा केवल मटाहणी और कोट में ही वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोनों स्कूलों को बंद या मर्ज करने की बजाय एक स्कूल को सीबीएसई और दूसरे को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत संचालित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी पसंद का बोर्ड चुनने की सुविधा मिल सके। विधायक ने कहा कि वर्तमान में दोनों स्कूलों में करीब 900 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में स्कूलों को मर्ज करने के बजाय को-एजुकेशन के तहत दोनों बोर्ड की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।