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VIDEO : समोसा विवाद पर बोले सत्ती, कांग्रेस ने बना दिया है पूरे प्रदेश का मजाक
जिला मुख्यालय से स्टेट ऑफ आर्ट (एसओए) आईटीआई को गगरेट शिफ्ट कर प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं ऊना सदर से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि एसओए आईटीआई गगरेट बीते काफी समय से ऊना की महिला आईटीआई में संचालित हो रही थी। लेकिन अचानक पढ़ाई का आधा सत्र बीत जाने के बाद इसे गगरेट शिफ्ट करने का फैसला लिया गया, जोकि गलत है। कहा कि प्रदेश सरकार ऊना से गगरेट एसओए आईटीआई शिफ्ट कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार सत्तासीन हुई है, तब से लोगों का लाभ व नुकसान न देखकर निर्णय लिए जा रहे है। अब सरकार ने आईटीआई को ऊना से गगरेट शिफ्ट कर दिया है। कहा कि एसओए आईटीआई में हरोली, कुटलैहड़ व ऊना के आसपास गांवों के अलावा बिलासपुर तक के प्रशिक्षु पढ़ने आ रहे है। आईटीआई गगरेट शिफ्ट होने से दो से तीन गुना रास्ता तय कर गगरेट पहुंचना पड़ेगा या फिर वहां पर महंगे कमरे लेकर रहने को विवश होना पड़ेगा। सतपाल सत्ती ने कहा कि जब बच्चों ने ऊना आईटीआई में दाखिला लिया, बच्चों को नहीं बताया कि एडमिशन गगरेट आईटीआई के लिए हो रहा है। आधा सत्र खत्म होने पर सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी। युवाओं से कहा जा रहा है कि यह दाखिला गगरेट आईटीआई के लिए हुए थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस सेशन को ऊना में ही खत्म करें और अगले सेशन की एडमिशन गगरेट आईटीआई में करें। सत्ती ने कहा कि ऊना जिला में कांग्रेस के चार विधायक है। लेकिन एक भी विधायक बच्चों के हक को नहीं उठा पाया। उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को बच्चों के हक को प्रदेश सरकार के समक्ष उठाना चाहिए था। सतपाल सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार 2-3 दिन में इस बारे निर्णय लें। वह स्वयं भी इस मसले को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री से बात करेंगे। सतपाल सत्ती ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूरे देश में प्रदेश का मजाक बनाकर रख दिया। कभी टॉयलेट टैक्स लगाए जा रहे है तो कभी समोसे की जांच बड़े ओहदे पर बैठे अधिकारी से करवाई जा रही। अगर सीएम के स्टाफ के सदस्य समोसे खा गए तो यह बड़ी बात नहीं। प्रदेश में खनन माफिया, चोरों व गुंडाराज का बोलबाला है। सचिवालय व जिला मुख्यालय के कार्यालयों में लोगों के हकों को खाया जा रहा है। इस पर सीएम कुछ नहीं बोल रहे। सत्ती ने कहा कि सीएम जनता के हक के मुद्दों को लेकर कार्रवाई करें, छोटे-मोटे कार्यो में न पड़ें। जनता को दी गारंटियां पूरी करें। शनिवार को एसओए आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थी भी विधायक सतपाल सत्ती से मिले। इस दौरान उन्होंने सत्ती से अपनी समस्या को लेकर चर्चा की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नाम एक मांग पत्र दिखाते हुए फिलहाल आईटीआई शिफ्ट न करने की मांग की। रोहित, हरीश, करण, आकाश, भानू, मनीष, सतवीर, मनमोहन, गुरप्रीत, रितिश, शिवांग सहित करीब 50 प्रशिक्षुओं ने उप मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि उनके लिए प्रतिदिन गगरेट जाना बेहद मुश्किल होगा। स्थिति यह हो जाएगी कि उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी। क्योंकि अधिकतर प्रशिक्षु गरीब वर्ग से हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्तमान सत्र में आईटीआई को शिफ्ट न करे। ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
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