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Balasore Suicide Case: Odisha student complained at every level before committing suicide and also sent a lett
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Balasore Suicide Case: ओडिशा की छात्रा ने आत्मदाह से पहले हर स्तर पर की शिकायत, CM को भी पत्र भेजा।
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: अभिलाषा पाठक Updated Wed, 16 Jul 2025 04:30 PM IST
ओडिशा के बालासोर में कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रोफेसर के यौन उत्पीड़न से तंग आकर 20 वर्षीय जिस छात्रा ने 12 जुलाई को आत्मदाह किया था, वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की पदाधिकारी थी।छात्रा ने सोमवार रात को 11:45 बजे भुवनेश्वर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में दम तोड़ दिया। उसने आत्मदाह से पहले कई पत्र पुलिस और प्रशासन को लिखे थे, लेकिन फिर भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और आखिरकार वह हिम्मत हार गई।बालासोर के फकीर मोहन (ऑटोनॉमस) कॉलेज में Bed द्वितीय वर्ष की छात्रा अपने विभागाध्यक्ष प्रोफेसर समीर कुमार साहू से काफी परेशान थी।इस संबंध में ABVP ने छात्रा की समस्या को लेकर कॉलेज प्रधानाचार्य को 30 जून को पत्र भी लिखा था।
पत्र ओडिया भाषा में लिखा गया था, जिसमें छात्रा के हस्ताक्षर और संपर्क नंबर लिखा था। पत्र में साहू पर यौन उत्पीड़न और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उसे निलंबित करने की मांग की गई थी।सोशल मीडिया एक्स पर छात्रा के खाते से 2 शिकायती पत्र और 2 तस्वीर भी 1 जुलाई को साझा किया गया है।इस पत्र को छात्रा ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय महिला आयोग, बालासोर के विधायक और जिलाधिकारी को टैग किया था।छात्रा ने पत्र में उत्पीड़न से तंग आकर कोई बड़ा आत्मघाती कदम उठाने की भी चेतावनी दी थी। इसके बाद भी उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने एक्स पर ABVP का पत्र साझा कर लिखा, 'बालासोर पीड़िता सत्ताधारी पार्टी के छात्र संगठन की पदाधिकारी भी है। उसने 20 दिन पहले प्रिंसिपल से मदद की गुहार लगाई थी, बाकायदा शिकायत की ,लेकिन उसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। सोचिए, जब डबल इंजन सरकार वाले ओडिशा में खुद सत्ताधारी दल की महिला पदाधिकारी इतनी असहाय हो, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति कैसी होगी?'
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