Hindi News
›
Video
›
India News
›
Military coups in Pakistan Is Asim Munir preparing to dethrone Asif Ali Zardari
{"_id":"686fcb02576354103f09496c","slug":"military-coups-in-pakistan-is-asim-munir-preparing-to-dethrone-asif-ali-zardari-2025-07-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"Pakistan Coup: आसिम मुनीर बनेगा पाकिस्तान का राष्ट्रपति? पाकिस्तान में तख्तापलट!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Pakistan Coup: आसिम मुनीर बनेगा पाकिस्तान का राष्ट्रपति? पाकिस्तान में तख्तापलट!
वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Published by: पल्लवी कश्यप Updated Thu, 10 Jul 2025 07:45 PM IST
आपको याद होगी ट्रंप और मुनीर की ये मीटिंग, जिसका खूब जिक्र हो रहा था। अब खबर है कि पाकिस्तान में तख्तापलट होने वाला है। तो क्या सच में पाकिस्तान में सरकार बदलने वाली है? क्या पाकिस्तान की सत्ता मुनीर के हाथ में जाने वाली है? क्या इमरान भी चल रहे हैं कोई चाल? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान में एक बार फिर तख्तापलट की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान में एक बार फिर मार्शल लॉ लगाया जा सकता है। चर्चाएं जोरों पर हैं कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को जल्द ही पद छोड़ने के लिए कहा जा सकता है और उनके स्थान पर शक्तिशाली सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर देश के नए राष्ट्रपति बन सकते हैं।इस बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की ताकत भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसका सबूत भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद देखने को मिला, जहां बुरी तरह मार खाने के बावजूद असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद से नवाजा गया। पाकिस्तान में अयूब खान के बाद असीम मुनीर दूसरे सेना प्रमुख हैं, जिन्हें फील्ड मार्शल बनाया गया है। अटकलें यह भी है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पाकिस्तान के वर्तमान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बीच कई मुद्दों पर तनाव है।पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागरिक सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुनीर सीधे तौर पर सरकारी फैसलों में दखल देने लगे हैं। सेना की ऐसी दखलंदाजियां पहले से जारी थीं, लेकिन हाल के दिनों में काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं, जनरल मुनीर अब चाहते हैं कि पाकिस्तान की रक्षा और विदेश नीति को सेना चलाए। यही कारण है कि उन्होंने खुद को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री असीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार से ज्यादा तवज्जो देनी शुरू कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिनर के बाद जनरल मुनीर के हौसले और ज्यादा बढ़ गए हैं। फर्स्टपोस्ट के अनुसार, नियुक्तियों और शासन की सामान्य दिशा पर असहमति के बाद जरदारी और मुनीर के बीच तनाव के पहले संकेत सामने आए। मार्च 2024 में दूसरी बार पदभार संभालने वाले जरदारी कथित तौर पर अपने संवैधानिक अधिकार का ऐसे तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सेना असहज महसूस कर रही है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा सेना से जुड़े कुछ फैसलों- जैसे वरिष्ठ नियुक्तियों, पोस्टिंग और विदेश नीति पर मुहर लगाने में अनिच्छा ने सेना को नाराज कर दिया है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी के सत्ता गलियारों के अज्ञात स्रोतों ने कथित तौर पर पुष्टि की है कि हाल के महीनों में सेना के साथ राष्ट्रपति जरदारी का टकराव बढ़ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बिलावल भुट्टो जरदारी द्वारा की गई टिप्पणी है, जो आसिफ अली जरदारी के बेटे और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख हैं। बिलावल ने हाल ही में नामित आतंकवादियों हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत प्रत्यर्पित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे देश में जिहादी समूह नाराज हो गए हैं। इन जिहादी समूहों को पाकिस्तानी सेना का संरक्षण प्राप्त है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।