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Marathi-Hindi Controversy: Language dispute - Athawale increases tension of Uddhav-Raj over attack on North In
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Marathi-Hindi Controversy: भाषा विवाद -उत्तर भारतीयों पर हमले पर आठवले ने बढ़ाई उद्धव- राज की टेंशन!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Thu, 10 Jul 2025 12:33 AM IST
प्रयागराज में आयोजित संविधान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने पत्रकारों से बातचीत में महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “मैं आज प्रयागराज में उस भूमि पर आया हूं जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। उसी तरह भारत विविधताओं और विचारों का संगम है। लेकिन मुंबई में जो घटनाएं हो रही हैं, वो हमारे संविधान का खुला उल्लंघन हैं।”
आठवले ने स्पष्ट कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा रचित संविधान ने देश के हर नागरिक को यह अधिकार दिया है कि वह भारत के किसी भी कोने में जाकर रह सकता है और काम कर सकता है। मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले न केवल असंवैधानिक हैं, बल्कि देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं।
उन्होंने चेताया कि महाराष्ट्र में यदि कुछ लोग दादागिरी कर रहे हैं तो यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मुंबई में मराठी ही नहीं, 65-70 प्रतिशत आबादी गैर-मराठी भाषी लोगों की है – जिसमें हिंदीभाषी, गुजराती, बंगाली, बिहारी और दक्षिण भारतीय लोग शामिल हैं। इसलिए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे अगर एक भी हो जाएं, तो भी बीएमसी चुनाव में उन्हें लाभ नहीं होगा।”
रामदास आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी सभी भाषाओं और प्रांतों के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने बिहार में महाराष्ट्र के लोगों पर हमला करने के सवाल पर कहा कि उनकी पार्टी की बिहार में इकाई सक्रिय है और वे 12 जुलाई को बिहार दौरे पर जा रहे हैं। वहां पार्टी इस मामले पर निर्णय लेगी और यदि कोई योग्य प्रत्याशी मिला तो पार्टी चुनाव लड़ेगी, नहीं तो NDA को समर्थन देगी।
आठवले ने 2026 में लोकसभा और 2027 में विधानसभा चुनावों के लिए भी अपनी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की और कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीटों की मांग करेंगे, ताकि सामाजिक न्याय की आवाज को और मजबूती मिल सके।
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