Hindi News
›
Video
›
India News
›
Swami Chaitanyananda Case: Delhi Police is asking for passwords of laptop and phone, Baba is not telling.
{"_id":"68da2277f968717a220c810e","slug":"swami-chaitanyananda-case-delhi-police-is-asking-for-passwords-of-laptop-and-phone-baba-is-not-telling-2025-09-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"Swami Chaitanyananda Case: दिल्ली पुलिस लैपटॉप, फोन के पूछ रही पासवर्ड, नहीं बता रहा बाबा।","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Swami Chaitanyananda Case: दिल्ली पुलिस लैपटॉप, फोन के पूछ रही पासवर्ड, नहीं बता रहा बाबा।
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: अभिलाषा पाठक Updated Mon, 29 Sep 2025 11:38 AM IST
Link Copied
दिल्ली के डर्टी बाबा से दिल्ली पुलिस पूछताछ कर रही है लेकिन बाबा सहयोग नहीं कर रहा। छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती मुकदमा दर्ज होने के बाद फरारी काटने के लिए सस्ते होटलों में ठहरता था, ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके। करोड़ों की संपत्ति का मालिक यह बाबा शुरुआती जांच में पुलिस को कोई सहयोग नहीं कर रहा था। हर सवाल का जवाब न में देने पर पुलिस सच जानने के लिए दूसरा रास्ता भी अख्तियार कर सकती है। आरोपी को रविवार तड़के आगरा से गिरफ्तार किया गया। साउथ-वेस्ट जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चैतन्यानंद के पास से एक आईपैड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें से एक फोन में परिसर और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनके जरिये वह छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि चैतन्यानंद और उसके सहयोगी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से निकटता का झूठा दावा करते थे। आरोप है कि उसके सहयोगियों ने कई लोगों को फोन कर पीएमओ से संबंध होने की बात कही। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी वृंदावन, मथुरा और आगरा के होटलों में लगातार ठिकाना बदलता रहा और टैक्सियों का इस्तेमाल करता रहा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कमरे में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्रियों के साथ उसकी फोटो लगी मिली है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये तस्वीरें एआई से बनाई गई हैं। पुलिस ने इन्हें जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी के पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें उसे संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद का स्थायी राजदूत, ब्रिक्स आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत डी प्रीमियर बताया गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने रविवार तड़के करीब 3:30 बजे आगरा के एक होटल से उसे गिरफ्तार किया।
खाता खुलवाते समय अलग-अलग दस्तावेज जमा कराए थे
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वह चार अगस्त को दिल्ली से भाग गया था। आगरा के होटल कर्मचारियों के अनुसार, चैतन्यानंद 27 सितंबर को शाम करीब चार बजे ‘पार्थ सारथी’ होटल पहुंचा, जहां उसे कमरा नंबर 101 दिया गया। उन्होंने बताया कि वह पूरी रात कमरे में रहा। ये भी पता लगा है कि अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 50 लाख रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली।अधिकारी ने कहा कि खाता खुलवाते समय उसने कथित तौर पर अलग-अलग विवरण वाले दस्तावेज जमा किए थे।
मधुमेह से है पीड़ित
आरोपी के वकील ने अपने मुवक्किल के हवाले से कहा कि आपने मेरे फोन, आईपैड और मेरा सामान ले लिया है। मैं मधुमेह से पीड़ित हूं और मुझे बेचैनी की समस्या है। मेरे भिक्षु वाले वस्त्र छीन लिए गए हैं। उन्होंने दलील दी कि मुझे (चैतन्यानंद को) परेशान करने के लिए पुलिस हिरासत में भेजा जा रहा है। यदि आपको लगता है कि (महिलाओं के लिए) खतरा है, तो मुझे न्यायिक हिरासत में लेकर उसका उपाय किया जा सकता है। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि पुलिस हिरासत की आवश्यकता है, क्योंकि आरोपी का पीड़िताओं के बयान और डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों के साथ सामना कराना होगा।
पासवर्ड नहीं बताए
पीड़ितों के वकील ने अदालत में कहा कि एक गवाह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर उसने शिकायत करने की हिम्मत की, तो उसे उठा लिया जाएगा। जांच जो अभी प्रारंभिक चरण में है, उसमें छेड़छाड़ का खतरा है। धोखाधड़ी के अपराध के लिए एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई है।वकील ने कहा है कि यह पहली बार है, जब वह दो महीने में जांच में शामिल हुआ है। आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उसने अपने आईपैड और आईक्लाउड के पासवर्ड नहीं बताए हैं। सिर्फ जब्ती काफी नहीं है।
ओडिशा का है निवासी चैतन्यानंद सरस्वती
दिल्ली पुलिस के मुताबिक चैतन्यानंद सरस्वती मूल रूप से ओडिसा का निवासी है। वह करीब 12 साल तक एक आश्रम में रहकर वहीं के संचालन और देखभाल का जिम्मा संभालता रहा। वर्तमान में वह दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक निजी इंजीनियरिंग संस्थान में निदेशक के पद पर कार्यरत है। पुलिस के अनुसार साल 2009 में डिफेंस कॉलोनी थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद साल 2016 में वसंत कुंज इलाके की एक महिला ने भी उसके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।