Hindi News
›
Video
›
India News
›
West Bengal Election 2026: The electoral battle intensifies in the West Bengal Assembly elections, all parties
{"_id":"69e53c7d8e93aeea5d0debc0","slug":"west-bengal-election-2026-the-electoral-battle-intensifies-in-the-west-bengal-assembly-elections-all-parties-2026-04-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनावी जंग तेज,सभी दलों ने झोंकी ताकत!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनावी जंग तेज,सभी दलों ने झोंकी ताकत!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Mon, 20 Apr 2026 03:30 AM IST
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा सीटों से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "जनता तैयार है, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदलाव होगा, डबल इंजन की सरकार बनेगी। यह भ्रष्टाचार रोकेगी और न्यायिक सुरक्षा देगी.ये लोग महिला विरोधी हैं, वे मां दुर्गा का विरोध करते हैं। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मां, दीदी, बहन महिला विरोधी INDI गठबंधन और TMC को सबक सिखाएंगी।"
पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा, "हर राज्य में, चुनाव के दौरान, भाजपा की एडवांस टीम में CBI, ED, इनकम टैक्स शामिल होते हैं। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म होते हैं, न तो ED, CBI, और न ही इनकम टैक्स कहीं होता है। जब झारखंड में चुनाव हुए, तो बड़ी छापेमारियां हुई लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। बिहार में चुनाव से पहले, ED और CBI ने हमेशा उनका साथ दिया। वे उनके चुनावी साथी हैं।"
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है और सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस, जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, एक बार फिर सत्ता में वापसी के लिए जोरदार अभियान चला रही है। ममता बनर्जी अपनी सरकार की उपलब्धियों—जैसे सामाजिक कल्याण योजनाएं, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास—को जनता के सामने रखकर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी भी इस चुनाव को बेहद अहम मानते हुए आक्रामक रणनीति अपना रही है और राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर रैलियां, रोड शो और जनसभाएं आयोजित कर रही है। भाजपा नेतृत्व कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को उठाकर सत्तारूढ़ सरकार को घेरने में जुटा है।
इसके अलावा, वाम दल और कांग्रेस भी गठबंधन के जरिए अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। ये दल रोजगार, शिक्षा और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं और जनता को एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प देने की बात कर रहे हैं। चुनावी रणनीतियों में सोशल मीडिया का भी व्यापक इस्तेमाल हो रहा है, जहां सभी दल डिजिटल प्रचार के जरिए युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य में चुनावी माहौल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है, क्योंकि पिछले चुनावों में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला हो सकता है, क्योंकि जहां एक ओर तृणमूल कांग्रेस अपने मजबूत जनाधार के भरोसे मैदान में है, वहीं भाजपा और अन्य दल उसे कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस प्रकार, पश्चिम बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मुकाबला बन गया है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।