आनंदपुर ट्रस्ट से जुड़े नामांतरण प्रकरण में कलेक्टर आदित्य सिंह को लेकर सामने आई कथित शिकायत पर अब नया मोड़ आ गया है। आनंदपुर ट्रस्ट के महात्मा शब्दसागरानंद ने पूरे मामले से खुद को पूरी तरह अलग करते हुए स्पष्ट किया है कि उनके ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर के खिलाफ किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं की गई है।
गौरतलब है कि कलेक्टर आदित्य सिंह पर तीन करोड़ रुपये लेने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद शासन स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अशोकनगर कलेक्टर पद से हटा दिया गया। बताया जा रहा था कि यह शिकायत आनंदपुर ट्रस्ट के नामांतरण से जुड़े मामले में ट्रस्ट पदाधिकारियों के एक डेलिगेशन द्वारा दिल्ली स्थित हाईकमान को भेजी गई थी।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए महात्मा शब्दसागरानंद ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से न तो कोई शिकायत की गई है और न ही इस तरह का कोई अधिकृत पत्र भेजा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह ने शिकायत की है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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महात्मा शब्दसागरानंद आनंदपुर स्थित अस्पताल के इंचार्ज भी हैं और उनका क्षेत्र में सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में खासा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनके बयान के बाद यह मामला और अधिक पेचीदा होता नजर आ रहा है।