प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदिवासी बहुल गांवों के समग्र विकास के उद्देश्य से शुरू की गई 'धरती आबा योजना' के अंतर्गत दमोह जिले के 145 आदिवासी गांवों को चयनित किया गया है। इनमें तेंदूखेड़ा ब्लॉक के 129 और जबेरा ब्लॉक के 16 गांव शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मंगलवार को पीएमश्री पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में दी। यह आयोजन जनजातीय गौरव वर्ष के अवसर पर जनभागीदारी अभियान, जागरूकता एवं लाभ संतृप्ति शिविर के तहत किया गया।
‘आदिवासी गांवों को समृद्ध बनाने का संकल्प’
मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अपने संबोधन में कहा कि धरती आबा योजना प्रधानमंत्री मोदी की सोच का प्रतिबिंब है, जो आदिवासी गांवों को विकसित, पुष्पित और पल्लवित करने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां 50 प्रतिशत से अधिक आबादी आदिवासी समुदाय की है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इन गांवों को सर्वसुविधायुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है कि इन गांवों तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।
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मंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना और किसानों को मिलने वाली सहायता की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सभी योजनाओं को धरती आबा योजना से जोड़कर लाभार्थियों को समेकित रूप से फायदा पहुंचाया जाएगा।
15 दिवसीय अभियान से जुड़ी जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि धरती आबा योजना के तहत पूरे भारत में 15 जून से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया गया। इसमें 50% से अधिक जनजातीय आबादी वाले गांवों की पहचान कर वहां योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र आदिवासी लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि दमोह जिले में भी अभियान के तहत साइकिल वितरण, प्रमाण पत्र वितरण और अन्य सहायता दी गई है ताकि जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
छात्राओं को साइकिल और प्रतिभाओं को सम्मान
कार्यक्रम में जनजातीय वर्ग की छह छात्राओं दुर्गा गौड़, शारदा गौड़, करीना, आकांक्षी क्रांति और मोहनी को साइकिल वितरित की गई। इसके साथ ही जिले के ट्राइब कैटेगरी में टॉप करने वाले छात्र सत्यम तेकाम, दीपेश गौड़, यश कुमारी गौड़ और कुमकुम परते को सम्मानित किया गया। पूजा गौड़ हाल ही में सीआईएसएफ में चयनित हुई हैं, उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत सात लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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‘धरती आबा अभियान रहा पूरी तरह सफल’
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण विभाग की जिला संयोजक अदिति शांडिल्य ने बताया कि 15 से 30 जून तक जिले के 173 गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम जनभागीदारी अभियान चलाया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक विकास का माध्यम बनेगी, बल्कि आदिवासियों की संस्कृति, पहचान और अधिकारों को भी संरक्षित करेगी। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के सदस्य, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।