दमोह में खाद की कमी से परेशान किसानों ने सोमवार सुबह कृषि उपज मंडी के सामने दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर जाम लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ से दो हजार किसानों को टोकन के बावजूद खाद नहीं मिलने पर आक्रोश फूट पड़ा। महिला किसान भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और चेतावनी दी कि यदि तुरंत खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो बड़ा आंदोलन होगा। करीब डेढ़ घंटे तक चला यह प्रदर्शन प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि इस साल जिले में 35 हजार हेक्टेयर में हाईब्रिड मक्का की बोवनी हुई है, जिसमें तीन बार खाद की जरूरत पड़ती है, इसलिए डिमांड अचानक बढ़ी है।
दमोह में खाद न मिलने से गुस्साए किसानों ने कृषि उपज मंडी के सामने दमोह सागर स्टेट हाईवे पर सोमवार सुबह जाम लगा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क के दोनों ओर कई वाहन जाम में फंस गए। इस विरोध प्रदर्शन में कई महिला किसान भी शामिल हुईं। किसानों का कहना है कि 19 अगस्त को उन्हें टोकन दिए गए थे, जिसमें करीब डेढ़ से दो हजार किसान शामिल हैं। सभी से कहा गया था कि उन्हें 25 अगस्त को खाद मिलेगी। आज हम यहां पहुंचे हैं तो हमें फिर खाद नहीं दी जा रही। इसलिए हम सड़क पर आए हैं।
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एक महिला किसान ने कहा कि यदि आज खाद नहीं मिली तो हम हलचल मचा देंगे, क्योंकि हम परेशान हैं। बार-बार हमें अपना काम धाम छोड़कर यहां आना पड़ता है, उसके बाद भी खाद नहीं मिलती। एक तरफ हमारे समय की बर्बादी हो रही है और दूसरी तरफ हमारी फसले भी खराब हो रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराए।
मौके पर मौजूद खाद वितरण विभाग के अधिकारी कोई भी स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं थे। जाम की सूचना मिलने के बाद सागर नाका चौकी पुलिस मौके पर पहुंची है और किसानों को समझाया, लेकिन वह मानने तैयार नहीं थे। जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। जिसके बाद अधिकारी पहुंचे और खाद उपलब्ध कराने की बात कह जाम हटाने कहा। तब करीब डेढ़ घंटे बाद किसानों ने प्रदर्शन खत्म किया। कलेक्टर सुधीर कोचर के अनुसार बीते साल दमोह जिले में 17000 हेक्टेयर में हाई ब्रीड मक्का की बोबनी की गई थी और इस साल 35 हजार हेक्टेयर में मक्का की बोबनी की गई है इसलिए खाद की डिमांड बढ़ी है। हाई ब्रीड मक्का में तीन बार खाद देनी पड़ती है तब जाकर फसल बेहतर होती है और इसीलिए भी खाद की डिमांड बढ़ी है।