दमोह शहर में एक बार फिर अवैध वसूली करते हुए नकली किन्नर पकड़े गए हैं। बुधवार सुबह असली किन्नरों ने इन नकली किन्नरों को रंगे हाथों पकड़ लिया और अपने घर में बंद कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उन्हें कोतवाली ले जाया गया। यह सभी बहरूपिए हैं जो स्वयं को किन्नर बता रहे थे।
दमोह के किन्नर समाज की अध्यक्ष गुड़िया किन्नर ने बताया कि उनके पास पिछले कई दिनों से इस प्रकार की खबरें आ रही थीं कि शहरी क्षेत्र में कुछ लोग नकली किन्नर बनकर घूम रहे हैं और लोगों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। बुधवार सुबह केशव नगर से एक महिला ने फोन कर जानकारी दी कि करीब पांच लोग उनकी कॉलोनी में लोगों से अवैध तरीके से 500 से लेकर 2100 रुपए तक की वसूली कर रहे हैं, जो किन्नर जैसे नहीं लग रहे। सूचना पर गुड़िया किन्नर अपने साथियों के साथ कॉलोनी पहुंचीं और अवैध वसूली करते हुए नकली किन्नरों को पकड़ लिया। इसके बाद सुभाष कॉलोनी से भी शिकायत मिली, तो वहां से भी नकली किन्नर पकड़े गए। इन सभी नकली किन्नरों को पकड़कर अध्यक्ष अपने घर ले आईं और उन्हें वहीं बंद कर लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस गुड़िया किन्नर के घर पहुंची और नकली किन्नरों को कोतवाली ले जाया गया।
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गुड़िया किन्नर ने बताया कि ये पारदी समाज के लोग हैं जो उज्जैन से यहां आकर लोगों से अवैध तरीके से वसूली कर रहे हैं। लोगों को डराया-धमकाया जाता है, इसलिए वे उन्हें पैसे देते रहते हैं। लगातार उनके पास शिकायतें आ रही थीं। बुधवार सुबह भी जब उनके पास शिकायत आई तो इस बार उन्होंने देर नहीं की और तत्काल केशव नगर पहुंचीं और उन पांच लोगों को पकड़ लिया। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि शहर के लोग असली किन्नरों को जानते हैं और शहर के लोगों से ही उनकी रोज़ी-रोटी चल रही है। इस प्रकार किसी भी नकली किन्नर की बातों में आकर उन्हें पैसे न दें। यदि कोई उन्हें डराता या धमकाता है, तो वे असली किन्नर समाज की अध्यक्ष या पुलिस को भी सूचना जरूर दें, ताकि लोग किसी भी प्रकार की ठगी से बच सकें। इंदौर निवासी राजा, जिसने नकली किन्नर का भेष रखा था, उसने स्वीकार किया कि वे बहरूपिए हैं और यह उनका खानदानी पेशा है।
तीन साल पहले हुआ था विवाद
बता दें कि तीन साल पहले भी शहर में असली और नकली किन्नरों का विवाद सामने आया था। यह विवाद कई दिनों तक चला था, जिसके बाद शहर से नकली किन्नरों को भगाया गया था। लगातार उनकी शिकायतें पुलिस में की गई थीं, लेकिन एक बार फिर ये नकली किन्नर शहर में आ गए हैं।