मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हटा ब्लॉक स्थित गैसाबाद जनपद क्षेत्र में इतिहास रचते हुए शनिवार को प्रदेश का पहला पूर्णत: पेपरलेस पंचायत उपचुनाव संपन्न हुआ। इसमें निशा कुर्मी ने 434 वोटों से जीत दर्ज कर जनपद सदस्य का पद हासिल किया। यह उपचुनाव न केवल तकनीकी रूप से अनूठा रहा, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम कदम भी साबित हुआ।
निशा कुर्मी को जनता का समर्थन, मिला भारी जनादेश
22 जुलाई को हुए मतदान की मतगणना शनिवार को हटा तहसील कार्यालय में शुरू हुई। तीन टेबलों पर मतगणना का कार्य महज डेढ़ घंटे में संपन्न हो गया और परिणाम साफ हो गया। निशा कुर्मी को कुल 1275 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीरेंद्र उपाध्याय को 841 वोटों से संतोष करना पड़ा। अन्य प्रत्याशियों में दीनदयाल पटेल को 512, संतोष को 478 और कृपाल अहिरवार को 235 वोट प्राप्त हुए।
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जीत के बाद हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने निशा कुर्मी को विजय प्रमाण पत्र सौंपा। इसके बाद अपने समर्थकों के साथ बाहर आईं निशा ने कहा कि मैं जनता की आभारी हूं और जीवन भर उनकी सेवा में समर्पित रहूंगी।
पेपरलेस चुनाव प्रणाली ने रचा नया कीर्तिमान
इस उपचुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह पूरी तरह पेपरलेस रहा। मतदान से लेकर मतगणना तक के सभी दस्तावेज डिजिटल तरीके से स्वतः जनरेट हुए। इससे न केवल प्रक्रिया पारदर्शी बनी, बल्कि मानवीय त्रुटियों की संभावनाएं भी समाप्त हो गईं। यही कारण रहा कि पूरे चुनाव की मतगणना रिकॉर्ड समय में हो सकी।
3341 मतदाताओं ने किया मतदान, 60% से अधिक हुई वोटिंग
गैसाबाद जनपद के वार्ड क्रमांक 16 में कुल 5621 मतदाता पंजीकृत थे। इनके लिए नौ मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां गैसाबाद, गरेंह और बलेह गांवों के मतदाताओं ने हिस्सा लिया। कुल 3341 वोट पड़े, जो कि 60% से अधिक मतदान दर को दर्शाता है।
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पूर्व सदस्य की सदस्यता रद्द होने के बाद हुआ उपचुनाव
इस सीट पर पहले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के पुत्र इंद्रपाल पटेल निर्वाचित हुए थे। बाद में वे जनपद अध्यक्ष भी बने, लेकिन हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के चलते उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। इसके बाद ही इस वार्ड में उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।