गुना जिले में मानसिक विक्षिप्त श्रमिकों को मुक्त कराने की बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले के चांचौड़ा ब्लॉक में दबंग, राजनेता और बड़े व्यापारियों के घर और होटलों पर महज एक वक्त की रोटी देकर विक्षिप्त मजदूरों से काम कराया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक गुना जिले के समाजसेवी प्रमोद भार्गव की पहल पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने एक दिन पहले चांचौड़ा एसडीएम रवि मालवीय सहित क्षेत्र के तमाम बड़े अधिकारियों की अगुवाई में पांच दल गठित किए थे। इन दलों ने शुक्रवार को चांचौड़ा और आसपास के कई गांवों में अचानक दबिश दी और 16 मानसिक विक्षिप्त श्रमिकों को मुक्त कराया गया। कार्रवाई करने वाले दलों में श्रम विभाग, पुलिस, महिला और बाल विकास विभाग सहित राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। टीमों की दबिश के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई दबंग अपने घरों में मजदूरी कर रहे विक्षिप्त श्रमिकों को यहां-वहां छिपाते देखे गए। विमुक्त कराए गए सभी श्रमिकों को गुना जिला अस्पताल लाया गया है, यहां उनका परीक्षण और प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सभी विक्षिप्त श्रमिकों को शिवपुरी स्थित विशेष आश्रम में भेजा जाएगा। इसके बाद समाजसेवी पुलिस इन मजदूरों के परिवारों को ढूढने का सिलसिला शुरू करेंगे।
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कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि हमें ऐसी शिकायत प्राप्त हुई थी कि जो लोग डिसेबल्ड होते हैं, खो जाते हैं या वृद्ध हैं उनको दबंग लोग मजदूरी का कार्या में लगा देते हैं। ऐसे लोगों के लिए हमने प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवियों के साथ मिलकर प्लानिंग की और अभी तक 16 लोगों को मुक्त कराया गया है। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जिन्हें शिवपुरी भेजा जाएगा।
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वहीं एक पीड़ित ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से एक व्यक्ति के यहां काम कर रहा था, लेकिन आज उसे आजाद कराया गया है। वह अब खुश है और अब वह अपने परिवार के पास वापस जाना चाहता है।