बच्चों के सुधार और संरक्षण के लिए बनाए गए संप्रेषण गृह में ही अब नाबालिगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को गुना के संप्रेषण गृह में एक नाबालिग ने दूसरे नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल बच्चे के पेट में तीन टांके लगाए गए।
जानकारी के अनुसार, संप्रेषण गृह में रह रहे नाबालिग ने अपने साथी पर चाकू से वार कर दिया। बताया जा रहा है कि घटना के समय आरोपी नशे की हालत में था। अचानक हुए हमले से संप्रेषण गृह में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद अन्य बच्चे और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। चाकू के वार से नाबालिग के पेट में चोट आई और खून बहने लगा। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसके पेट में तीन टांके लगाए। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक, बाल अपचारी को चोरी के एक मामले में शिवपुरी से पकड़े जाने के बाद गुना के संप्रेषण गृह में रखा गया था। वह कुछ समय से यहां रह रहा था। वहीं, घायल को भी किसी अन्य मामले में संप्रेषण गृह लाया गया था। घटना के समय यहां कुल 12 नाबालिग रह रहे थे।
घटना के बाद संप्रेषण गृह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह भी है कि जब यहां नाबालिगों की निगरानी के लिए कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, तो आरोपी के पास चाकू कैसे पहुंचा और हमला होने से पहले किसी को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
संप्रेषण गृह का उद्देश्य अपराध के मामलों में पकड़े गए बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना, उनकी काउंसलिंग करना और उन्हें सुधार की दिशा में आगे बढ़ाना है। ऐसे में परिसर के भीतर ही चाकूबाजी और नशे जैसी घटनाएं व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
अब जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के सामने चुनौती सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही नाबालिगों की नियमित काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की है। घटना के बाद यह भी जांच का विषय है कि संप्रेषण गृह में चाकू कैसे पहुंचा और निगरानी में कहां चूक हुई।