स्वतंत्रता दिवस पर सजाया गया मंच आमतौर पर भाषण और तालियों के लिए याद रखा जाता है, लेकिन गुना जिले के धरनावदा स्थित पीएमश्री शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल में इस बार यही मंच छात्राओं के विरोध की शुरुआत बन गया। 15 अगस्त को जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में कुछ छात्राओं ने मंच के पास पहुंचकर स्कूल की समस्याएं सामने रखीं। इसके बाद मामला और तूल पकड़ गया। मंगलवार को वही छात्राएं अपनी शिकायत लेकर गुना कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने के बाद उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और रास्ते में रोकने की कोशिश भी की गई।
धरनावदा का यह स्कूल पीएमश्री योजना के तहत आदर्श स्कूलों में शामिल है। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल को मॉडल बनाने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग है। उन्होंने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि कक्षाओं में नियमित पढ़ाई नहीं होती। लैब और लाइब्रेरी की स्थिति भी खराब है। इसके अलावा पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी समस्या है।
छात्राओं ने और क्या आरोप लगाएं?
छात्राओं का आरोप है कि जब कोई छात्रा या अभिभावक स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाता है तो उसे नतीजे भुगतने की चेतावनी दी जाती है। सबसे ज्यादा डर प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर बताया गया है। छात्राओं का कहना है कि सवाल उठाने वाली छात्राओं को प्रैक्टिकल में कम अंक देने और फेल करने की धमकी दी जाती है। इसी डर के कारण कई छात्राएं अपनी समस्याएं सामने नहीं रख पातीं।
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15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मंच के पास जाकर अपनी समस्याएं बताईं। उस समय वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने भी उनकी बात सुनी। इसके बाद छात्राएं लिखित शिकायत लेकर गुना कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुईं।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि रास्ते में एक कार ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उनका कहना है कि कार स्कूल के प्राचार्य की थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। छात्राओं के मुताबिक वीडियो में कार में बैठे व्यक्ति को ड्राइवर से उनके खिलाफ एफआईआर कराने की बात कहते हुए सुना जा सकता है।
हालांकि छात्राएं नहीं रुकीं और सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई। उनके साथ पहुंचे कुछ अभिभावकों ने भी स्कूल के प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए। अभिभावकों का कहना है कि जब वे स्कूल की समस्याओं को लेकर प्राचार्य से मिलने जाते हैं तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। कई बार उन्हें स्कूल के गेट पर ही रोक दिया जाता है और अंदर नहीं जाने दिया जाता।
कलेक्टर ने क्या किया?
जनसुनवाई में कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायत गंभीरता से सुनी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी छात्र या अभिभावक को अपनी बात रखने पर डराया या धमकाया नहीं जा सकता। यदि वीडियो में सामने आई बातें जांच में सही पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की भी जांच कराई जाएगी।
पीएमश्री योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधाओं से लैस कर मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना है। ऐसे में धरनावदा के स्कूल से सामने आए आरोप योजना की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करते हैं। छात्राओं की शिकायतों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है, लेकिन फिलहाल मामला स्कूल की व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर रहा है।