ग्वालियर कलेक्ट्रेट में गुरुवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार कार्यालय के एक रीडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी रीडर अनिल कुड़वारिया पर प्लॉट के नामांतरण से जुड़े मामले में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक, किला गेट क्षेत्र निवासी फरियादी जितेंद्र पांडे से नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच 40 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। रिश्वत की मांग से परेशान फरियादी ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू से की थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने तहसील ग्वालियर के गोशपुरा वृत्त स्थित नायब तहसीलदार डॉ. रमाशंकर सिंह के कार्यालय में जाल बिछाया। तय योजना के तहत फरियादी ने आरोपी रीडर अनिल कुड़वारिया को 20 हजार रुपये की पहली किस्त दी। जैसे ही आरोपी ने रकम ली, पहले से मौजूद ईओडब्ल्यू टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
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कार्रवाई के दौरान ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने रिश्वत की रकम जब्त कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप की स्थिति रही और कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल बना रहा। फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।