भाई-बहनों के अटूट स्नेह का प्रतीक कहलाने वाले रक्षाबंधन पर्व की एक अलग ही तस्वीर कटनी जिला जेल से सामने आई है, जहां राखी बांधने पहुंची बहनों ने अपने भाइयों से रक्षा के वचन की जगह अपराध की दुनिया से दूरी बनाने का वचन लिया।
दरअसल, यह नजारा कटनी जिला जेल का है, जहां रक्षाबंधन पर्व को लेकर जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच खुशनुमा माहौल बना दिया था। यहां सैकड़ों की संख्या में पहुंची बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलकर भावुक हो गईं। पहले उनकी कुशलक्षेम पूछी, फिर माथे पर तिलक लगाकर हाथ में राखी बांधी और मिठाई खिलाई। उपहार के स्थान पर उन्होंने अपने भाइयों से वादा लिया कि वे अपराध की दुनिया से दूरी बनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
इसके बाद सभी बहनों को सुरक्षित जेल से बाहर निकाला गया। पार्वती केवट ने बताया कि वह अपने भाई लक्ष्मी निषाद को राखी बांधने कटनी जेल आई थीं। सुरक्षा कारणों से बाहर से कोई भी सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। जेल प्रशासन ने 100 और 150 रुपये की रसीद काटकर एक पैकेट में राखी, मिठाई, फल, रुमाल और अन्य वस्तुएं उपलब्ध कराई थीं। बहुत दिन बाद भाई से मिलकर अच्छा लगा, लेकिन खुले माहौल में न मिल पाने का दुख भी है। जेल में बंद भाई को राखी बांधने पहुंची बहन रेखा की आंखें, भाई दिनेश को देखते ही नम हो गईं। छह स्तर की सुरक्षा जांच पार कर वह अपने भाई तक पहुंचीं और रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
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जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर बंदी भाइयों और बहनों की मुलाकात के लिए जिला जेल में सुरक्षा के मद्देनजर 6 जांच प्वाइंट बनाए गए थे। बहनों का रजिस्ट्रेशन कर, 100 और 150 रुपये की रसीद के अनुसार राखी के पैकेट तैयार कराए गए थे। कटनी जिला जेल में कुल 368 बंदी हैं, जिनमें 15 महिला कैदी और शेष पुरुष कैदी हैं। उनसे मिलने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक तय था, इसके बाद महिला कैदियों का समय निर्धारित किया गया।
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