मध्य प्रदेश के कटनी जिले में पान मसाला कारोबार से जुड़ी बड़ी टैक्स चोरी की आशंका को लेकर स्टेट जीएसटी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। पान मसाला निर्माण करने वाली जागृति ट्रेडिंग कंपनी के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई कर विभाग ने करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की जांच शुरू की है। यह कार्रवाई बीते दो दिनों से लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, कटनी जिले में संचालित जागृति ट्रेडिंग कंपनी द्वारा लंबे समय से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी किए जाने की शिकायतें विभाग को मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कटनी और जबलपुर से आई स्टेट जीएसटी की करीब 30 सदस्यीय टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत एक साथ चार ठिकानों पर दबिश दी।
डिप्टी कमिश्नर स्टेट जीएसटी प्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम ने कंपनी की तीन फैक्ट्रियों और एक मुख्य गोदाम को जांच के दायरे में लिया। ये फैक्ट्रियां लमतरा इंडस्ट्रियल एरिया, चाका बायपास और पन्ना मोड़ क्षेत्र में संचालित पाई गईं, जबकि मुख्य गोदाम बस स्टैंड के पीछे स्थित है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने उत्पादन, बिक्री, कच्चे माल की खरीद, तैयार माल की सप्लाई, टैक्स भुगतान और लेखा-जोखा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके साथ ही कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी कब्जे में लेकर गहन जांच की जा रही है।
स्टेट जीएसटी अधिकारियों का फोकस डिजिटल लेन-देन, फर्जी बिलिंग और वास्तविक उत्पादन व कागजी रिकॉर्ड के बीच अंतर की पड़ताल पर है। जानकारी के मुताबिक, जागृति ट्रेडिंग कंपनी ‘पहेली’ और ‘लहर’ ब्रांड नाम से पान मसाला का निर्माण कर मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में सप्लाई करती है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी द्वारा वास्तविक उत्पादन से कम उत्पादन दर्शाकर और फर्जी बिलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही थी। अधिकारियों का अनुमान है कि यह कर अपवंचन करोड़ों रुपये तक हो सकता है।
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गौरतलब है कि करीब एक वर्ष पहले केंद्रीय जीएसटी की टीम ने भी इसी कंपनी पर छापेमारी की थी, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई थीं। उस दौरान सील किए गए एक गोदाम से गुटखा-पान मसाला चोरी होने का मामला भी सामने आया था, जिसकी जांच कुठला पुलिस को सौंपी गई थी।
डिप्टी कमिश्नर प्रकाश सिंह ने बताया कि फिलहाल दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का मिलान किया जा रहा है। जांच आगामी तीन दिनों तक जारी रहेगी, जिसके बाद टैक्स चोरी की वास्तविक राशि सामने आएगी। जांच के बाद कंपनी पर भारी जुर्माना, टैक्स रिकवरी और कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले के पान मसाला कारोबार से जुड़े अन्य व्यापारियों में भी डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।