मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को 20 साल की सजा सुनाने के बाद वह न्यायालय परिसर से फरार हो गया।
पिपलोद थाना क्षेत्र के एक चार साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी हरेराम कोरकू को शुक्रवार को खंडवा न्यायालय में पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश ने बालात्कार और पाक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 20 साल की सजा और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सजा सुनने के बाद, आरोपी को जेल ले जाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया और कोर्ट के मुंशी मनोज परिहार की निगरानी में बाहर गया। इस दौरान आरोपी हरेराम ने मुंशी को चकमा दिया और फरार हो गया। जब मुंशी वापस लौटा, तो कटघरे में दूसरा आरोपी शंकर ही मौजूद था।
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना में मामला दर्ज कर लिया गया। खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि पुलिस की टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए जुट गई हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा। इस घटना के बाद न्यायालय और पुलिस बल पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। आला अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।