खरगोन शहर सीमा से लगे ग्राम गोपालपुरा में बुधवार दोपहर अचानक खेत में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलते हुए आसपास के खेतों तक पहुंच गई, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। खेत मालिकों और गांव के लोगों ने आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि वे नाकाम रहे।
सूचना मिलने पर खरगोन से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, तब तक मामा-भांजे के दो अलग-अलग खेतों में खड़ी करीब सात एकड़ गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाता तो नुकसान कम हो सकता था।
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खेत मालिक इस्माइल ने बताया कि वे दोपहर करीब 2:30 बजे घर पर थे, तभी उन्हें खेत में आग लगने की सूचना मिली। पड़ोसियों ने तत्काल दमकल विभाग को फोन कर जानकारी दी, लेकिन लगभग एक घंटे बाद वाहन मौके पर पहुंचा। इस देरी के चलते करीब 6 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस्माइल ने बताया कि उनकी सालभर की मेहनत कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
एक अन्य किसान नॉशद ने बताया कि आग पहले उनके मामा के खेत में लगी थी, जो बाद में फैलकर उनके खेत तक पहुंच गई। इस घटना में दो भाइयों के हिस्से की करीब एक-एक एकड़ जमीन में खड़ी फसल जल गई। उन्होंने भी दमकल के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई। फिलहाल आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि, प्राथमिक तौर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। किसानों ने शासन से उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।